कोटद्वार । सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव जी का 554वां प्रकाश पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है । सभी समाजों ने गुरुनानक देव जी का यह संदेश, ‘एक पिता एकस के हम बारक और अव्वल अल्लेह नूर उपाया कुदरत के सब बन्दे, एक नूर ते सब जग उपजा कौन भले को मंदे’ अक्सर सुनने को मिल जाते हैं । ऐसे गुरु के प्रकाश पर्व को बड़ी धूम-धाम से मनाया जा रहा है । लगातार दस दिनों से गोविन्द नगर स्थित गुरुद्वारे से सुबह 5:30 बजे नगर में प्रभात फेरी निकाली जाती रही। सोमवार को गुरुपर्व के अवसर पर गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन हुए और गुरूवाणी का पाठ किया गया । कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि पर हर साल पूरी दुनिया में गुरु पर्व धूमधाम से मनाया जाता है । गुरु नानक देव ने एकता, भाईचारा और जातिवाद को मिटाने के कई उपदेश दिये हैं, सोमवार सुबह से ही गुरुद्वारे में भक्तों का आना शुरू हो गया। पूरे दिन गुरुद्वारे में लंगर चला जिसमें पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

