कोटद्वार। नगर निगम कोटद्वार स्थित चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली व महर्षि कण्व की तपोभूमि कण्वाश्रम में चार दिवसीय बसंत महोत्सव आरंभ हो गया है। महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर कण्वाश्रम को अंतर्राष्ट्रीय फलक पर पहचान दिलाने का संकल्प लिया गया।सोमवार को बद्रीनाथ मार्ग स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गढ़वाल सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मेले का शुभारंभ करते हुए कहा कि कण्वाश्रम एक शिक्षा का केंद्र था जहाँ हजारों छात्र पढ़ते थे, इतनी ही नहीं यह आध्यात्मिक शिक्षा का भी केंद्र था। आज इसके संरक्षण व संवर्धन के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपना योगदान देना होगा। इससे पूर्व नगर के विभिन्न विद्यालयों से आये बच्चों ने मार्च पास्ट कर मुख्य अतिथि को सलामी दी। वहीं कार्यक्रम के दौरान अल्मोड़ा से आई छोलिया नृत्य की टीम ने अपनी प्रस्तुतियां देकर सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। इससे पहले रविवार को स्वास्तिक के आकार में सजे हवन कुंडों में बड़ी संख्या में लोगों ने हवन किया । इस मौके पर उत्तराखंड गो सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. पंडित राजेन्द्र अंथवाल, मेला समिति अध्यक्ष राज गौरव नौटियाल, संयोजक मंजुल डबराल, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विपिन कैथोला, भाजपा अनुसूचित मोर्चा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र आर्य, पद्मश बुड़ाकोटी, बीना रावत, रानी नेगी, मनीष भट्ट, शिक्षक सुनील रावत, विनोद पंत, सौरभ नौडियाल आदि मौजूद रहे।

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