रूडकी : कोर यूनिवर्सिटी के वर्धमान ऑडीटोरियम में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त शिक्षको के सम्मान में आहूत गुरू सम्मान समारोह में यूनिवर्सिटी चांसलर जेसी जैन ने कहा की शिक्षक का दर्जा समाज में हमेशा से ही पूजनीय रहा है। कोई उसे गुरु कहता है, कोई शिक्षक कहता है, कोई आचार्य कहता है, तो कोई अध्यापक या टीचर कहता है ये सभी शब्द एक ऐसे व्यक्ति को चित्रित करते हैं, जो सभी को ज्ञान देता है, सिखाता है और जिसका योगदान किसी भी देश या राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करना है।यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. हिमांशु मित्तल  ने कहा की सही मायनो में कहा जाये तो एक शिक्षक ही अपने विद्यार्थी का जीवन गढ़ता है। शिक्षक ही समाज की आधारशिला है। एक शिक्षक अपने जीवन के अन्त तक मार्गदर्शक की भूमिका अदा करता है और समाज को राह दिखाता रहता है, तभी शिक्षक को समाज में उच्च दर्जा दिया जाता है।
कोर यूनिवर्सिटी के वर्धमान ऑडिटोरियम में आयोजित गुरू सम्मान समारोह में विभिन्न राज्यों के  करीब 230 शिक्षको को सम्मानित किया गया।  इस अवसर पर आईसीटी का  शिक्षा मे प्रयोग कैसे करे का प्रजैंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होने कहा कि शिक्षार्थियों को पर्याप्त कौशल और सर्वांगीण विकास करने के लिए आईसीटी तैयार करती है। उन्होने शिक्षको से आग्रह किया कि सीखने की दक्षता और स्मार्टनेस को आईसीटी के उपयोग से बढ़ाया जा सकता है।इस विधा से शिक्षार्थी बेहतर सीखते हैं, ज्ञान को आसानी से समझ लेते हैं, सीखी हुई सामग्री को बनाए रखते हैं और उन्हें व्यावहारिक स्थितियों में आसानी से लागू करते हैं। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. मनीष माथुर ने कहा कि बारहवी के बाद बच्चे  केे कैरियर निर्धारण का प्रबंधन कैसे करे पर विचार प्रस्तुत किये। कुलाधिपति जेसी जैन, कुलपति डॉ. अंकुश मित्तल ने यूनिवर्सिटी व विद्यालयीय शिक्षा के साथ मिलकर शिक्षा की उन्नति की दिशा में कार्य करेंगे। इस अवसर पर यूपी, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखण्ड हिमाचल, आदि राज्यों से शिक्षक शामिल हुए।
हरिद्वार जनपद के राजकीय विद्यालयों के निम्न शिक्षक- शिक्षिकायें सम्मानित किये गये –  संजय वत्स, ललित गुप्ता, मुनीश यादव, शिखा गोयल, पूनम भूषण, दीपा कौशिक, सुमन चौहान, कमला राणा, प्रतिभा डोलका, कुसुम लता रतूडी, रमा वैश्य, नजमा अंसारी, सीमा राठी, पारूल शर्मा, कु. पूर्णिमा, प्रदीप कुमार, हेमलता, अब्दुल कादिर, मुफ्ति इकराम, चंद्रपाल धीमान, राजकुमार चौधरी, अनुभव गुप्ता, आदि शामिल रहे । यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति, कुलपति व प्रति कुलपति ने शिक्षको को प्रमाण पत्र , स्मृति चिन्ह व अन्य उपहार देकर सम्मानित किया।
 

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