पंतनगर, 27 फरवरी 2025: नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चर साइन्सेज द्वारा 17 वें एग्रीकल्चर साइंस कॉन्ग्रेस का आयोजन जी.बी. पंत युनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एण्ड टेक्नोलॉजी में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान धानुका एग्रीटेक लिमिटेड के उस प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई, जिसके तहत पूरे भारत में सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) को सम्मानित किया जाएगा।
नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चर साइन्सेज़ के अध्यक्ष तथा सचिव, डीएआरई एवं डीजी, आईसीएआर डॉ हिमांशु पाठक के समर्थन से संचालित इस पहल का उद्देश्य कृषि विस्तार एवं इनोवेशन में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करना है।
उत्तराखण्ड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेन्ट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत) और माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वैज्ञानिक समुदाय को सम्बोधित करते हुए उन्होंने वैज्ञानिकों को इनोवेशन्स एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से भारतीय कृषि में नई क्रान्ति का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया। अनुसंधान एवं प्रेक्टिस के बीच के अंतर को दूर करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होनें कहा कि प्रयोगशाला में विकसित की गई तकनीकों को खेत में लाकर ही किसान की समृद्धि और देश के कृषि विकास को गति प्रदान की जा सकती है।
डॉ आर.जी. अग्रवाल ने डॉ हिमांशु पाठक के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सार्वजनिक निजी साझेदारी के माध्यम से किसानों की समृद्धि के अपने दृष्टिकोण की पुष्टि करते हुए इस प्रस्ताव को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि केवीके अवाँग्रेस उन केवीके वैज्ञानिकों को सम्मानित करने और प्रेरित करने की दिशा में सराहनीय कदम है. जो कृषि तकनीकों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वार्षिक केवीके अवॉर्डस के दौरान धानुका एग्रीटेक देश भर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले किसान विकास केन्द्रों (केवीके) एवं वैज्ञानिकों को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और सर्टिफिकेट्स से सम्मानित करेगी। डॉ पाठक एवं अन्य प्रख्यात वैज्ञानिकों ने इस प्रस्ताव की सराहना की. इसे भारत की कृषि विस्तार प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। 2000 से अधिक प्रतिभागियों ने इस आयोजन में उत्साह के साथ हिस्सा लिया, जिनमें देश भर से कृषि वैज्ञानिक, नौति निर्माता और उद्योग जगत के विशेषज्ञ मौजूद रहे। इस मंच ने भारतीय कृषि में बदलाव लाने वाले आधुनिक अनुसंधान एवं इनोवेशन्स को प्रदर्शित करने के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया।
वार्षिक केवीके अवॉर्डस की घोषणा सार्वजनिक-निजी भागीदारी में उल्लेखनीय उपलब्धि है, जो अनुसंधान उन्मुख समाधानों एवं जानकारी साझा करने वाले मंच के माध्यम से किसानों की समृद्धि को बढ़ावा देने के धानुका एग्रीटेक के दृष्टिकोण की पुष्टि करती है।
धानुका एग्रीटेक कृषि अनुसंधान एवं किसान आउटरीच प्रोग्रामों पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित करते हुए आईसीएआर के साथ मिलकर काम कर रही है। इस पहल के तहत धानुका किसान विकास केन्द्रों को
सीधे किसानों को दिखा सकें। इसके अलावा कंपनी हरित रसायन विज्ञान पर आधारित कृषि रसायन, ड्रोन एवं खेती की प्रेसीजन तकनीकों को पेश करने में भी अग्रणी है। कंपनी स्थायी एवं प्रभावी कृषि प्रथाओं को बढावा देती है।
17वें कृषि विज्ञान कॉन्ग्रेस में 2000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक, नीति निर्माता और उदयोग जगत के विशेषज्ञ शामिल थे। प्रतिभागियों का उत्साह, इनोवेशन्स, आपसी सहयोग एवं किसान-उन्मुख समाधानों के माध्यम से भारतीय कृषि में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
