अगस्त्यमुनि/रुद्रप्रयाग : अगस्त्यमुनि में 17 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे आधुनिक खेल स्टेडियम के निर्माण को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग का खेल प्रेमियों और स्थानीय खिलाड़ियों ने कड़ा विरोध किया है। खिलाड़ियों ने इसे विकास विरोधी मानसिकता करार देते हुए कहा कि यह क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। युवा खिलाड़ियों ने प्रशासन से इस मामले का संज्ञान लेकर हस्तक्षेप एवं उचित कार्यवाही की भी मांग की है।

खिलाड़ियों ने जताई नाराजगी

सब-जूनियर नेशनल खेल चुके फुटबॉल खिलाड़ी अनिल बुटोला ने अगस्त्यमुनि के खेल मैदान की दुर्दशा पर दुख जताते हुए कहा कि मेले के आयोजन के बाद मैदान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि अगस्त्यमुनि फुटबॉल खिलाड़ियों का गढ़ रहा है, लेकिन अत्याधुनिक मैदान के अभाव में युवा प्रतिभाओं को सही अवसर नहीं मिल पा रहा है।
खिलाड़ी ऋषभ लिंगवाल ने कहा कि स्टेडियम का विरोध करने वाले लोग हजारों खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस स्टेडियम में जनपद का पहला सिंथेटिक ट्रैक बनाया जा रहा है, जिससे एथलीटों को उच्च स्तरीय अभ्यास का मौका मिलेगा।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के अवसर

खिलाड़ी जिया अंडोला और प्राची जोशी ने कहा कि स्टेडियम में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन संभव हो सकेंगे। वर्तमान में मैदान की देखरेख न होने से यहां आवारा पशु विचरण करते हैं और वाहन सीखने वाले लोग भी खेल गतिविधियों में बाधा पहुंचाते हैं।

खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच

गौरतलब है कि सरकार इस स्टेडियम में ओलंपिक स्तर का 400 मीटर लंबा सिंथेटिक ट्रैक, राष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल और बास्केटबॉल ग्राउंड विकसित कर रही है। इसके बनने से क्षेत्र के खिलाड़ियों को हर दिन अभ्यास का मौका मिलेगा और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगे। साथ ही जनपद को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।

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