ऋषिकेश : पंडित ललित मोहन शर्मा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी परिषद (UCOST) के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया।
इस अवसर परिसर उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड की की पूर्व प्रशिक्षु इंटर्न कु. श्वेता पेटवाल ने छात्र-छात्राओं को जैव विविधता पर ऑनलाइन विशेष व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने जैविक संसाधनों के संरक्षण और उनके टिकाऊ उपयोग पर जोर दिया ।

उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस हर साल 22 मई को मनाया जाता है । इसका उद्देश्य जैव विविधता के महत्व को बढ़ावा देना और इसके संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाना है। जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन की विविधता को संदर्भित करती है, जिसमें पौधे, जानवर, कवक, और सूक्ष्मजीव शामिल हैं। यह विविधता पारिस्थितिकी तंत्र को स्वस्थ और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है ।

जैव विविधता पारिस्थितिकी तंत्र हमारे लिए सेवाएं प्रदान करती है, जैसे कि वायु और जल शुद्धिकरण, मिट्टी का निर्माण, और जलवायु नियमन, फल, सब्जियां, अनाज, और मांस, वानिकी आदि । जैव विविधता के लिए वनस्पति विनाश और शहरीकरण, तापमान वृद्धि और वर्षा पैटर्न में बदलाव, वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण एक बड़ा खतरा है I इसलिए जैव विविधता के संरक्षण आवश्यक है इसके लिए जागरूकता फैलाएं, संरक्षित क्षेत्र बनाएं जैसे कि राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण, टिकाऊ जीवनशैली अपनाएं जैसे कि ऊर्जा की बचत और जल संचयन, पेड़ लगाएं और वनस्पति का संरक्षण करें । तभी हमारा व हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहेगा ।

इस अवसर पर विभाग में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया । इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया गया जिसमे MLT की छात्रा प्रियंका को प्रथम, आशिका राणा को द्वितीय और ऋतु पांडे को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

आज इस मौके पर यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़कर छात्रों को जैव विविधता के महत्व पर प्रेरणादायक विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि जैव विविधता हमारे पर्यावरण की रीढ़ है और इसे बचाना हम सभी का दायित्व है।
परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रकृति से जुड़ाव और संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया, युवाओं से जागरूकता बढाने के लिए अपील की ।

मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग के समन्वयक व विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता एवं यूकास्ट के जिला समन्वयक प्रो. जी. के. धींगरा ने भी विद्यार्थियों को जैव विविधता संरक्षण के वैज्ञानिक पक्ष से अवगत कराया व कहा कि अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस हमें जैव विविधता के महत्व को समझने और इसके संरक्षण के लिए काम करने का अवसर प्रदान करता है। आइए हम सभी मिलकर जैव विविधता के संरक्षण के लिए काम करें और पृथ्वी को एक स्वस्थ और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र बनाए रखने में मदद करें। श्रीदेव सुमन उतराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. के.जोशी ने अपने संदेश में शुभकामनाएं देते हुए जैव विविधता संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में जैव विविधता के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें इसके संरक्षण के लिए प्रेरित करना था ।







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