गोपेश्वर (चमोली)। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने मंगलवार को भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर पूजा अर्चना की तथा भक्तों की खुशहाली की मनौती मांगी।

शंकराचार्य बदरीनाथ धाम कर मंदिर में वेदपाठ पूजा-अर्चना संपन्न कर लोककल्याण की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने भक्तों की खुशहाली की मनौती मांगी।  इससे पहले नर पर्वत पर स्थित बीकेटीसी अध्यक्ष आवास पर शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज का बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी एवं पदाधिकारियों ने स्वागत किया और वेदपाठियों ने स्वास्तिवाचन किया। बीकेटीसी अध्यक्ष द्विवेदी ने शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज को शाल, तुलसी माला, स्मृति चिन्ह तथा भगवान बदरीविशाल का प्रसाद भेंट किया।

शंकराचार्य ने तीर्थ यात्रियों को मंदिर परिसर में संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म की रक्षा हेतु आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश में चार पीठों की स्थापना की। श्री ज्योतिष्पीठ के द्वारा सनातन धर्म की ध्वजा को आगे बढाया जा रहा है। कहा कि सबके अंतःकरण में भगवान बदरीविशाल विराजमान हो तथा सबकी यात्रा मंगलमय रहे। शंकराचार्य ने सनातन संस्कृति के सरंक्षण तथा यात्रा व्यवस्थाओं हेतु उत्तराखंड सरकार तथा बीकेटीसी की ओर से किये कार्यों पर प्रसन्नता जताई। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सनातन धर्म के ध्वजवाहक शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद हमेशा मिलता रहा है। संतो के मार्गदर्शन में यात्रा सकुशल चल रही है। संतों का स्नेह आशीर्वाद आगे भी इसी तरह बना रहेगा।

बीकेटीसी उपाध्यक्ष एवं ज्योतिष्पीठ पुरोहित ऋषि प्रसाद सती ने  कहा कि शंकराचार्य महाराज वासुदेवानंद सरस्वती का सदैव आशीर्वाद सबके साथ रहा है। उन्होंने सभी हक हकूकधारियों, डिमरी पंचायत, पंडा पंचायत का आभार जताया। इस अवसर पर ज्योतिष्पीठ के दंडी स्वामी शंकरानन्द गिरी महाराज, ब्रह्मानन्द सरस्वती, स्वामी विशेश्वरानंद, डिमरी पंचायत उपाध्यक्ष भास्कर डिमरी, बीकेटीसी प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल श्रेयांस द्विवेदी, पीआरओ अजय आदि मौजूद रहे।

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