हरिद्वार : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (२१ जून) से पूर्व देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज के प्रतिकुलपति युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पंड्या ने लिथुआनिया में भारतीय राजदूत दवेश उत्तम तथा विख्यात योग शिक्षिका मिलाना यासिंस्काइते से एक विशेष भेंट की। यह संवाद योग को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने तथा भारतीय संस्कृति व शिक्षा के अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। गौरतलब है कि युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा स्थापित गायत्री परिवार दशकों से योग एवं आध्यात्मिक जीवनशैली के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। युवा आइकॉन डॉ. पंड्या की यह यात्रा उसी शृंखला की एक कड़ी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन में योग विशेषज्ञ युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या का मानना है कि योग से न केवल शरीर के अंगों बल्कि मन, मस्तिष्क और आत्मा में संतुलन बनाया जाता है। यही कारण है कि योग से शारीरिक व्याधियों के अलावा मानसिक समस्याओं से भी निजात पाया जा सकता है।
इस दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय की योग परंपरा, शोधपरक शिक्षण प्रणाली तथा सांस्कृतिक जागरूकता की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। भारतीय राजदूत श्री उत्तम जी ने भारत और लिथुआनिया के बीच शैक्षणिक और सांस्कृतिक सहयोग को और सशक्त करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा देव संस्कृति विश्वविद्यालय की वैश्विक पहल की सराहना की।
योग शिक्षिका मिलाना ने लिथुआनियाई समाज में योग के प्रति जागरूकता, विशेष रूप से युवाओं में इसकी बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए साझा प्रयासों की संभावनाओं को रेखांकित किया। बैठक में संयुक्त कार्यशालाएँ, योग प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम, सामुदायिक जागरूकता अभियान जैसे साझा कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार किया गया। विशिष्ट अतिथियों ने युगऋषि पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के विचारों एवं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के मिशन आधारित प्रयासों के प्रति गहरी आस्था और रुचि प्रकट की।

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