नई दिल्ली। आज का दिन विपक्ष के नेताओं के लिए राहत भरी खबर लेकर आया। दिल्ली कोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सत्येंद्र जैन के खिलाफ चल रहा भ्रष्टाचार का मामला बंद कर दिया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को इस मामले में किसी भी तरह के अवैध लाभ का कोई सबूत नहीं मिला है। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (PC अधिनियम) डी. वी. सिंह ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट (मामला बंद करने की रिपोर्ट) को मान लिया। 

अदालत ने कहा,”जो आरोप पेश किए गए हैं और जो तथ्यात्मक पृष्ठभूमि है,वे आगे की जांच या कार्यवाही शुरू करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि शक सबूत की जगह नहीं ले सकता। यह भी ध्यान देने योग्य है कि किसी को आरोपी ठहराने के लिए केवल शक काफी नहीं है। कार्यवाही आगे बढ़ाने के लिए कम से कम मजबूत सबूत होना जरूरी होता है।”

सत्येंद्र जैन दिल्ली सरकार में लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री के रूप में कार्यरत थे,तो उन्होंने आउटसोर्सिंग के माध्यम से PWD के लिए 17-सदस्यीय सलाहकारों की टीम को नियुक्त करने की मंजूरी दी थी। ऐसा करके सत्येंद्र जैन ने मानक सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को दरकिनार कर दिया था। सतर्कता विभाग ने एक शिकायत दर्ज की जिसके आधार पर मई 2019 में जैन के खिलाफ FIR (प्राथमिकी) दर्ज की गई थी।

चार साल की जांच के बाद CBI ने पाया कि विभाग की तत्काल जरूरतों के कारण पेशेवरों की भर्ती आवश्यक थी और यह कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी थी। एजेंसी ने कहा कि उसे भ्रष्टाचार,आपराधिक साजिश,अनुचित लाभ या व्यक्तिगत लाभ का कोई सबूत नहीं मिला। क्लोजर रिपोर्ट पर विचार करने के बाद कोर्ट ने उसे स्वीकार कर लिया और मामला बंद कर दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर किसी के खिलाफ कोई नई सामग्री मिलती है,तो CBI मामले की आगे जांच करने के लिए स्वतंत्र होगी।

 

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