चमोली। देवभूमि उत्तराखंड में अपराध के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को सख्ती से लागू करते हुए चमोली पुलिस ने एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ ऐतिहासिक कार्रवाई की है। यह गिरोह दिसंबर 2025 में थाना पोखरी क्षेत्र के अंतर्गत THDC परियोजना से जुड़े बेशकीमती विद्युत ट्रांसमिशन तारों और एक मोटरसाइकिल की चोरी की घटनाओं में संलिप्त पाया गया था, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।

पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने इन घटनाओं को जनसुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत गंभीर मानते हुए अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए। उनके निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम गठित की गई।

विशेष टीम ने आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और सशक्त मुखबिर तंत्र के माध्यम से उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश तक ताबड़तोड़ दबिशें दीं। इस कार्रवाई में गिरोह के मुख्य सदस्य सलीम (निवासी बिजनौर, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया, जिसकी निशानदेही पर लगभग ₹1.40 लाख मूल्य के चोरी किए गए विद्युत तार और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई।

जांच के दौरान गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों—शहजाद, नदीम और दानिश की संलिप्तता भी सामने आई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शहजाद के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कुल 16 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अन्य आरोपियों पर भी कई संगीन मामले पंजीकृत हैं। वर्तमान में अभियुक्त शहजाद बिजनौर जेल एवं सलीम पुरसाड़ी जेल में निरुद्ध हैं, जिनके विरुद्ध वारंट-बी के माध्यम से अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

गिरोह की संगठित समाज-विरोधी गतिविधियों और जनता में भय का माहौल पैदा करने के मद्देनज़र चमोली पुलिस ने विस्तृत गैंगचार्ट तैयार कर जिला मजिस्ट्रेट के अनुमोदन के बाद सभी अभियुक्तों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अब गिरोह द्वारा अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों की भी गहन जांच कर रही है।

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