ज्योतिर्मठ। धार्मिक एवं सीमांत नगरी ज्योतिर्मठ के मारवाड़ी वार्ड में आस्था और सीमा सुरक्षा के समन्वय का एक अनुपम उदाहरण सामने आया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित नवनिर्मित मंदिर में भगवान तिलिंग जाख देवता की भव्य नई मूर्ति को विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर प्रारंभ हुए धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में गुरुवार को विद्वान पुजारियों आशीष सती, हितेश सती एवं चंडी प्रसाद सेमवाल द्वारा मंत्रोच्चार, हवन एवं पूजन के साथ मूर्ति की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई।

उल्लेखनीय है कि नरसिंह मंदिर देव पुजाई समिति के विशेष आग्रह पर सीमा सड़क संगठन ने इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया, जिससे क्षेत्र की धार्मिक आस्था को नया आयाम मिला है।

इस पावन अवसर पर क्षेत्र के रक्षक माने जाने वाले भगवान तिलिंग जाख देवता की 18 दिवसीय लोक कल्याणकारी यात्रा का भी भव्य शुभारंभ हुआ। मान्यता के अनुसार, ज्योर्तिमठ के नरसिंह मंदिर क्षेत्र में दो जाख देवता—ब्रह्म जाख और तिलिंग जाख—विराजमान हैं, जो प्रत्येक दूसरे वर्ष अपने गर्भगृह से बाहर निकलकर क्षेत्र भ्रमण करते हैं।

इस वर्ष ब्रह्म जाख देवता मारवाड़ी, शैला, चुनार, सेमा, सिंहधार, मनोहरबाग, सुनील, नोग एवं अपर बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करेंगे। पूर्व में यहां पौराणिक शिला रूपी मूर्ति स्थापित थी, जिसके स्थान पर सर्वसम्मति से नई भव्य मूर्ति की स्थापना की गई है।
नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन सीमा सड़क संगठन के कमांडिंग ऑफिसर अंकुर महाजन एवं नगर पालिका परिषद ज्योर्तिमठ की अध्यक्ष देवेश्वरी साह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

इस ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर पर नरसिंह मंदिर देव पुजाई समिति के अध्यक्ष अनिल नंबूदरी सहित भगवती प्रसाद नंबूदरी, जयप्रकाश भट्ट, सुशील थपलियाल, राकेश भट्ट, अशोक नंबूदरी, विजय डिमरी, प्रकाश चंद्र सती, नवीन कवांण, विशंभर कवांण, देवेंद्र बल्लभ सकलानी, हरीश भट्ट, भरत विष्ट, रामनारायण भट्ट, राजेंद्र मेहरा, त्रिलोक पंवार तथा नरसिंह मंदिर और मारवाड़ी क्षेत्र की महिला मंगल दलों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

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