चमोली। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में देर रात से जारी भीषण बर्फबारी और मूसलाधार बारिश ने पूरे जनपद को अपनी आगोश में ले लिया है। हालात ऐसे हैं कि जनजीवन पूरी तरह ठहर सा गया है। विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में 3 से 4 फीट, हेमकुंड साहिब में करीब 5 फीट और विख्यात पर्यटक स्थल औली में 2 से 2.5 फीट तक बर्फ जम चुकी है। वहीं जोशीमठ मुख्य बाजार भी लगभग डेढ़ फीट तक बर्फ की मोटी चादर से ढक गया है।

भारी हिमपात और बारिश के चलते जिले की परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग हनुमानचट्टी से आगे यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके अलावा कर्णप्रयाग–थराली–ग्वालदम मार्ग पर ग्वालदम के समीप पेड़ गिरने से आवाजाही ठप हो गई है।

अन्य प्रमुख मार्गों पर भी यातायात बाधित है। गोपेश्वर–मंडल–चोपता मार्ग किमी 36 से 50 के बीच भारी बर्फबारी के कारण अवरुद्ध है, जबकि सिमली–गैरसैंण मार्ग काली माटी क्षेत्र में बंद पड़ा हुआ है।

बर्फबारी का व्यापक असर नंदानगर, थराली, गैरसैंण और दशोली विकासखंड के दर्जनों गांवों में भी देखने को मिल रहा है। संपर्क मार्ग बंद होने से कई ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

 

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