वाशिंगटन: ईरान के साथ चल रहे भीषण युद्ध के पांचवें सप्ताह में अमेरिका में बड़ा सैन्य फेरबदल हो गया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी थल सेना (यूएस आर्मी) के प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया और तत्काल प्रभाव से रिटायरमेंट का आदेश दे दिया है। यह फैसला ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों के बीच आया है, जब तेहरान के आसपास पुल समेत कई नागरिक ठिकानों पर हमले तेज हो गए हैं।

पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इसकी पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि जनरल रैंडी जॉर्ज अब 41वें आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ के पद से तुरंत रिटायर हो रहे हैं। फिलहाल उनके उत्तराधिकारी का नाम घोषित नहीं किया गया है।

अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमलों का सिलसिला तेज कर दिया है। बुधवार-गुरुवार को तेहरान के निकट अल्बोरज प्रांत में निर्माणाधीन B1 पुल (मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल माना जाता है) पर दो बार हमला किया गया, जिसमें कम से कम 8 लोग मारे गए और 95 अन्य घायल हो गए। ईरानी अधिकारियों ने इसे नागरिक क्षेत्र पर हमला बताया है।

ईरान के सरकारी मीडिया और अल्बोरज प्रांत के उप-गवर्नर ग़ोदरतोल्लाह सैफ के हवाले से बताया गया कि हमला करज शहर के पास B1 हाईवे ब्रिज पर हुआ। यह पुल तेहरान को करज और कैस्पियन सागर के तट से जोड़ता है। हमले के समय कई लोग नेचर डे (नौरोज़ का आखिरी दिन) मनाने के लिए पुल के पास पिकनिक मना रहे थे, जिससे आम नागरिकों की मौत हुई।

ट्रंप ने हमले की तारीफ की, चेतावनी भी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया (Truth Social) पर पुल के ध्वस्त होने का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ईरान का सबसे बड़ा पुल गिर गया… और भी बहुत कुछ आने वाला है! ईरान को समझौता करना चाहिए, वरना कुछ नहीं बचेगा।” ट्रंप ने पहले ही ईरान को “स्टोन एज” में वापस भेजने की धमकी दी थी। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह पुल ईरान की मिसाइल और ड्रोन सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण रूट था। इजरायली सेना ने स्पष्ट किया कि इस विशेष पुल पर हमला अमेरिका ने किया था।

ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान ने हमले की कड़ी निंदा की है। तेहरान ने इसे नागरिक बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर हमला बताया और कहा कि इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा। ईरानी सेना ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह घटना अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान संघर्ष के 34वें दिन हुई, जब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले तेज कर दिए हैं। अब तक ईरान में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इजरायल और गल्फ देशों में भी हताहत हुए हैं।

  • B1 पुल को ईरानी इंजीनियरिंग की मिसाल माना जाता था, जो हाल ही में पूरा होने वाला था।
  • हमले के कुछ घंटे पहले ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में ईरान पर और सख्त हमलों का ऐलान किया था।
  • इससे पहले तेहरान में मेडिकल रिसर्च सेंटर और स्टील प्लांट्स भी निशाने पर आए थे।

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