देहरादून : अपर सचिव, कार्मिक एवं सतर्कता गिरधारी सिंह रावत ने उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मियों और विभागों में सीधी भर्ती की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण और सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में उन्होंने सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों तथा जिलाधिकारियों को विस्तृत पत्र भेजकर स्पष्ट अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि विभागों में ऐसे सभी रिक्त पद, जिनके सापेक्ष उपनल के माध्यम से कर्मियों की तैनाती प्रस्तावित है, उन पर सीधी भर्ती के लिए कोई भी अधियाचन (प्रस्ताव) संबंधित चयन संस्था या आयोग को भेजने से पहले अनिवार्य रूप से पूर्वानुमति प्राप्त की जाए। यह अनुमति तीन प्रमुख विभागों—कार्मिक एवं सतर्कता विभाग, न्याय विभाग और वित्त विभाग—से लेना अनिवार्य किया गया है।
यह व्यवस्था सैनिक कल्याण अनुभाग द्वारा 03 फरवरी 2026 को जारी शासनादेश के प्रावधानों के अनुरूप लागू की गई है, जिसका उद्देश्य उपनल के माध्यम से नियुक्त कर्मियों और नियमित भर्ती प्रक्रिया के बीच स्पष्टता और संतुलन बनाए रखना है।
अपर सचिव ने अपने निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया है कि बिना आवश्यक पूर्वानुमति के किसी भी प्रकार का भर्ती प्रस्ताव अग्रसारित करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।
उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा की है कि इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, समन्वय और कानूनी प्रावधानों का पूर्णतः अनुपालन हो सके। यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ संभावित विवादों और अनियमितताओं को रोकने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
