गोपेश्वर (चमोली)। संयुक्त रामलीला मंच की ओर से गोपेश्वर में आयोजित लीला के चतुर्थ दिवस में लक्ष्मण परशुराम संवाद की लीला का मंचन किया गया। लीला का शुभारंभ ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष मोहन नेगी और व्यवसायी पपेंद्र सिंह ने  किया।

गुरूवार की रात्रि को लीला का आगाज जनक दरबार में सीता स्वयंबर की तैयारियों के साथ किया गया। जिसके बाद यहां देश-विदेश के राजाओं का स्वयंबर में शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढाने की लीला में कलाकारों ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया, वहीं इस दौरान स्वयंबर में पहुंचे लंकापति रावण और बाणासुर के संवाद ने दर्शकों रोमांचित कर दिया। जिसके बाद मंच पर लक्ष्मण-परशुराम संवाद की लीला आयोजित की गई। जिसमें शिव धनुष के खंडित होने पर श्रीहरी नारायण के छटवें अवतार भगवान परशुराम क्रोधित हो जाते हैं। जिस पर लक्ष्मण शिव धनुष को पुराना बताते हुए खंडित होने की बात करते हुए परशुराम से धनुष के खंडित होने के पर नाराज होने को लेकर मसखरी करने लगते है। इस संवाद के दौरान परशुराम और लक्ष्मण के संवाद को देख लोग मंत्र मुग्ध हो गये। मंच पर लीला का अभियन कर रहे पात्रों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। भगवान राम के अनुनय विनय पर भगवान परशुराम शांत हुए। इस मौके पर रामलीला के संरक्षक चंद्रप्रकाश भट्ट, अनूप खंडूरी, सतीश पुरोहित, लक्ष्मी प्रसाद सती, देवेंद्र गौड़, पीयूष विश्नोई, कैलाश तिवारी, नितिन अरोड़ा, प्रकाश नेगी, कमल राणा, जगमोहन सिंह, विपिन कंडारी, आयुष हटवाल और अमित मिश्रा आदि मौजूद थे।

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