कोटद्वार। इंस्‍टीटयूट ऑफ हास्‍पीटेलिटी मैनेजमेंट एंड साइंसेज की ओर से लोकपर्व इगास धूमधाम से मनाया गया। संस्‍थान की महिला प्राध्‍यापकों ने रंगोली सजाकर  इगास की खुशी मनाई। बुधवार को बलभद्रपुर स्थित संस्‍थान परिसर के अवसर पर प्राध्‍यापक सपना रौथाण, श्रेया चंदोला, विजयश्री खुगशाल और टीना जोशी ने फूलों की आकर्षक रंगोली बनाई। रंगोली पर दिए सजाकर इगास पर्व की खुशियां मनाई।
इस अवसर पर संस्‍थान के ईडी अजयराज नेगी ने संस्‍थान में कार्यरत सभी कर्मचारियों को इगास की शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान में युवा पश्‍चात्‍य संस्‍कृति के प्रभाव में आकर अपनी लोक परंपराओं को भूलते जा रहे हैं। उन्‍होंने सभी कर्मियों उत्‍तराखंड की लोक और पौराणिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन के लिए छात्र-छात्राओं में इन लोक पर्वों के प्रति चेतना जगाने की अपील की। डायरेक्‍टर एकेडमिक डॉ सुनील कुमार ने बताया कि पौराणिक मान्यता के करीब 600 वर्ष पूर्व तत्तकालीन गढ़वाल के पंवार वंशीय राजा महिपत पंवार को उनकी सेना का तिब्बत विजय एवं सेना का मोर्चे पर सकुशलता का पता चला था। जब राजा को वीरभड़ माधो सिंह भंडारी और लोधी सिंह रिखोला की कुशल क्षेम का समाचार प्राप्त हुआ तो राजा ने पूरे गढ़वाल में दिवाली जैसा उत्सव मनाने का आदेश दिया था। तब से गढवाल में इगास का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन घरों में पकवान बनते हैं और पशुओं को फूल माला पहनाकर उन्‍हें नए आनाज से बना पींडा खिलाया जाता है। इस अवसर पर संस्‍थान के सभी प्राध्‍यापक और कर्मचारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *