गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ में बीते जनवरी माह में हुए भूधंसाव के बाद से बंद जोशीमठ-औली रोपवे के संचालन को शुरू किये जाने की मांग को लेकर शनिवार को जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति की ओर से एक उप जिलाधिकारी जोशीमठ के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया है।

जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती, अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार तथा प्रवक्ता कमल रतूडी का कहना है कि बीते जनवरी माह में जोशीमठ में भूधंसाव, भवनों और जमीन पर दरारें आने के बाद विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा स्थली औली को जोड़ने वाला रोपवे सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया था। जिसके बाद से अभी तक इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया जिस कारण पर्यटकों को औली पहुंचने के सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। उनका कहना है कि जहां सड़क मार्ग से दूरी लंबी होने के साथ ही बर्फवारी के दिनों में यहां से वाहनों की आवाजाही काफी मुश्किल भरी हो जाती है ऐसे में एक मात्र साधन रोपवे ही था। जो बंद पड़ा है। उन्होंने कहा कि उन्हें आशा थी कि सरकार जल्द ही सुरक्षा मानकों की जांच करवा कर इसका संचालन शुरू करेगी लेकिन पूरा साल गुजरने को है और अभी तक इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाये गये है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की संस्था ब्रिडकुल की सहायता से इसकी जांच की जा सकती है लेकिन सरकार ने अभी तक ऐसा नहीं किया है। उनका यह भी कहना है कि रोपवे के संचालन बंद होने से स्थानीय युवाओं के रोजगार पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से सुरक्षा मानकों की जांच करवा कर रोपवे का संचालन शुरू किये जाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में संयोजक अतुल सती, अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार, प्रवक्ता कमल रतूड़ी, होटल ऐसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश रंजन भिलंगवाल, प्रेम लाल, भवानी, दिनेश उनियाल, पूर्व प्रमुख प्रकाश रावत, ठाकूर सिंह राणा आदि शामिल थे।

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