जयहरीखाल : भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत 12 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्य द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर देवभूमि उद्यमिता योजना से आए परियोजना अधिकारी सर्वेंद्र रावत और परियोजना समन्वयक रश्मि भी उपस्थित रहे। प्राचार्य द्वारा बताया गया कि यह कार्यक्रम युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में प्रेरित करने और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। इसके माध्यम से छात्रों और स्थानीय उद्यमियों को न केवल प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि उन्हें वित्तीय सहायता और पंजीकरण की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। महाविद्यालय में देवभूमि उद्यमिता योजना के नोडल अधिकारी डॉ. विक्रम सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया और 12 दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की,उनके द्वारा बताया गया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य –
  • युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में प्रशिक्षित करना।
  • राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाना और पलायन को रोकना।
  • स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को प्रोत्साहित करना।

प्रतिभागियों का चयन

  • आयु सीमा : 45 वर्ष से कम आयु के युवा।
  • निकटवर्ती क्षेत्रों के उद्यमी और उद्यमी समूह भी आवेदन कर सकते हैं।
  • ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन भोजन व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।  
परियोजना अधिकारी सर्वेंद्र रावत ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और आसपास के गांवों से आए उद्यमियों को योजना के लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने पंजीकरण प्रक्रिया और कौशल विकास प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी, जो महाविद्यालय में प्रदान किया जाएगा। उपस्थित छात्र-छात्राओं को इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया । उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।    
परियोजना समन्वयक रश्मि ने भी देवभूमि उद्यमिता योजना के उद्देश्य और लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान करके उन्हें स्वावलंबी बनाने में मदद करेगी। इस अवसर पर महाविद्यालय के   छात्र नवनीत, कुमकुम, भूत पूर्व  छात्र कुल भूषण  सिंह , सामाजिक कार्यकर्ता विपिन  गौड़, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो डॉ एस पी मधवाल, डॉ आर के द्विवेदी, उमेश ध्यानी, डॉ डी एस चौहान , डॉ सुऐब अनसारी, डॉ दुर्गा रजक, डॉ शहजाद , डॉ मानसी वत्स , डॉ वसीम , वरुण कुमार एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एस सी पोखरियाल ,रूप सिंह एवं  समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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