लैंसडाउन । जयहरीखाल स्थित भक्तदर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गढ़वाल के प्रथम सांसद गांधीवादी विचारक डॉ भक्तदर्शन की जयंती पर उनकी सुपुत्री की उपस्थिति में विचार गोष्ठी और संस्मरण सभा आयोजित की गयी। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस गोष्ठी से पहले महाविद्यालय के प्राचार्य तथा उनकी आत्मजा निर्मला नेगी ने भक्तदर्शन जी के चित्र पर माल्यार्पण व श्रद्धा सुमन अर्पित किए। गूगल मीट और सभागार में आयोजित गोष्ठी का संचालन हिंदी विभाग प्रभारी उमेश ध्यानी ने किया उन्होंने भक्तदर्शन का विस्तृत परिचय प्रस्तुत करते हुए कहा कि भौराड़, पट्टी साबली, गढ़वाल के मूल निवासी 1912 में आज को ही जन्मे भक्तदर्शन जी ने शांतिनिकेतन व इलाहाबाद विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर महान स्वतंत्रता सेनानी, विद्वान लेखक, निर्भीक पत्रकार, कुशल राजनीतिज्ञ, कार्यदक्ष मंत्री तथा प्रख्यात गांधीवादी विचारक के रूप में भारतमाता की अपूर्व सेवा की जोकि हम सब के लिए प्रेरणाप्रद है।
भक्तदर्शन की सुयोग्य दुहिता, शिक्षाविद तथा कला विशारद निर्मला नेगी ने पिता के साथ अपने बचपन को याद किया और बताया कि कैसे पिता एक सच्चरित्र गाँधीवादी जीवन व्यतीत करते थे और अपने बच्चों को भी वैसा ही जीवन जीने की प्रेरणा देते थे। कार्यक्रम के समापन में प्राचार्य प्रोफेसर राजवंशी ने भक्तदर्शन के भारतमाता की सेवा में किए कार्यों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि हमारे महाविद्यालय का नाम भक्तदर्शन जी के नाम पर है। कार्यक्रम में प्रोफ़ेसर मधवाल, डॉ मिश्रा, सतीश पोखरियाल, राजीव आनंद, समरा ज़ैदी, विनोद सिंह, रूप सिंह, साजन, नवनीत, नेहा, निधि, आरुषि, आशीष, साहिल, वर्षा के अतिरिक्त समस्त महाविद्यालय के कार्मिक व विद्यार्थी उपस्थित थे। गूगल मीट पर पर भी कार्यक्रम का प्रसारण किया गया।

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