औली। शीतकालीन पर्यटन और साहसिक खेलों की वैश्विक राजधानी औली में आगामी विंटर गेम्स के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर ‘विंटर गेम्स एसोसिएट्स ऑफ उत्तराखंड’ के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। मंगलवार को आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी शीतकालीन खेलों को ऐतिहासिक स्वरूप देना और सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। बैठक में आईटीबीपी, जीएमवीएन और एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आगामी प्रतियोगिताओं की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।

​बैठक में विंटर गेम्स एसोसिएट्स ऑफ उत्तराखंड के सचिव राकेश रंजन भिलंगवाल और सह-सचिव अजय भट्ट ने खेलों के तकनीकी पक्षों और तैयारियों का खाका प्रस्तुत किया। इस दौरान आईटीबीपी औली के डिप्टी कमांडेंट नानक चंद, प्रदीप भट्ट, असिस्टेंट कमांडेंट विजेंद्र चौहान और गंगाराम ने सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैक प्रबंधन पर अपने अनुभव साझा किए। जीएमवीएन की ओर से प्रदीप शाह और अन्य अधिकारियों ने खिलाड़ियों के ठहरने और सुविधाओं पर विचार रखे। वक्ताओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि इस बार के विंटर गेम्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ‘रोल मॉडल’ के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि उत्तराखंड की खेल प्रतिभा और संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान मिल सके।

​बैठक के दौरान पर्यटन संवर्धन और स्थानीय युवाओं की सहभागिता पर भी विशेष जोर दिया गया। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि औली न केवल खेलों के लिए बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी उत्तराखंड का गौरव है, इसलिए आयोजन की गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस अवसर पर कमल किशोर डिमरी, विजयंत रावत, विकेश डिमरी, विमलेश पंवार, राजीव मेहता और अखिलेश पंवार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सकारात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई इस बैठक ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड आगामी शीतकालीन सत्र में खेलों के वैश्विक मानचित्र पर और अधिक सशक्त होकर उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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