• मुख्य अतिथि प्रो. नीरजा टंडन ने कहा, “एआई के दौर में तकनीक से भाषा को और भी समृद्ध बनाया जा सकता है

नैनीताल : केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), नैनीताल में शुक्रवार को आयोजित हिंदी पखवाड़ा भाषा और संस्कृति के अद्भुत संगम का मंच बना। देशभर में मनाए जा रहे इस विशेष पर्व के अंतर्गत हुई विविध प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया और हिंदी के महत्व को नई ऊँचाई प्रदान की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं निर्णायक प्रो. नीरजा टंडन ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि भाषा संस्कृति से जन्म लेती है और उसी से मजबूत होती है। उन्होंने कृत्रिम बौद्धिकता (एआई) के युग में हिंदी को सहेजने की चुनौती को एक शानदार अवसर बताया और कहा कि तकनीक का उपयोग भाषा को और समृद्ध बनाने के लिए किया जाना चाहिए। इस अवसर पर सीबीसी के कलाकारों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। भास्कर जोशी ने अपने एकल नाटक “हम हिंदी के प्रेमी” के माध्यम से संदेश दिया कि भाषा की उन्नति सामूहिक प्रयास से ही संभव है। शर्मिष्ठा बिष्ट ने स्वरचित गीत प्रस्तुत किया, शोभा चारक और डॉ. दीपा जोशी ने कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया, जबकि आनंद सिंह और गोपेश बिष्ट ने हिंदी के ऐतिहासिक प्रयोग पर अपने विचार रखे।

निर्णायक प्रो. टंडन ने सभी प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी एक से बढ़कर एक थे, इसलिए किसी एक को चुनना संभव नहीं था। इसी भावना से सभी को समान रूप से सम्मानित किया गया। क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी नीरज कुमार भट्ट ने बताया कि 16 से 30 सितम्बर तक चलने वाले इस पखवाड़े का उद्देश्य सरकारी कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग को सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय, वेवरली कंपाउंड के विद्यार्थियों ने भी देशभक्ति गीत और सुलेख प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. टंडन द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण से हुआ। संचालन श्रद्धा गुरुरानी तिवारी ने किया और संयोजक डॉ. दीपा जोशी ने आभार व्यक्त किया।

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