बिजनौर के गंगा बैराज से शनिवार को शुरू हुई ‘एक्स मुस्लिम यात्रा’ रविवार को हर की पैड़ी पहुंचकर संपन्न हो गई। यात्रा में शामिल लोगों ने ब्रह्मकुंड पर गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए। हर की पैड़ी पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।

यात्रा के संयोजक इमरोज आलम के अनुसार, इसमें शामिल लोग इस्लाम धर्म छोड़कर सनातन धर्म अपना चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य मुस्लिम समाज में जागरूकता फैलाना है, ताकि लोग सनातन धर्म की ओर लौट सकें। यात्रा पुलिस सुरक्षा के बीच हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे से होते हुए हर की पैड़ी पहुंची और दोपहर करीब डेढ़ बजे इसका समापन हुआ। वापसी के दौरान भी पुलिस सुरक्षा के साथ यात्रा को चिड़ियापुर के रास्ते उत्तर प्रदेश सीमा में प्रवेश कराया गया।

टोपी पहनकर पहुंचे युवकों को लेकर विवाद

यात्रा के समापन के बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें दो युवक मुस्लिम समाज में प्रचलित टोपी पहनकर हर की पैड़ी पहुंचते दिखे। इस पर श्री गंगा सभा ने आपत्ति जताई। सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि हर की पैड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है, ऐसे में मुस्लिम वेशभूषा में युवकों का वहां पहुंचना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की और संबंधित लोगों पर धार्मिक मर्यादा भंग करने का आरोप लगाया।

संत रामविशाल दास का जवाब

विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए संत रामविशाल दास ने कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि टोपी पहनकर पहुंचे लोग पहले ही इस्लाम धर्म छोड़ चुके थे और हर की पैड़ी पर उन्होंने सनातन धर्म को औपचारिक रूप से स्वीकार किया।

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