जयहरीखाल : भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एनएसएस के विशेष शिविर में तीव्र वर्षा के कारण शिविर के तीसरे दिन सभी स्वयंसेवक कैम्प परिसर में ही सीमित रहे, किन्तु शिविर का यह दिन प्रतिकूल मौसम के बावजूद ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और रचनात्मक गतिविधियों से परिपूर्ण रहा | निर्धारित दैनिक कार्यों के पश्चात स्वयंसेवकों ने समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श का एक सत्र आयोजित किया, जिसमें उन्होंने अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा की।

इस दौरान सोशल मीडिया की उपयोगिता, जनप्रतिनिधि के रूप में युवाओं की भूमिका तथा स्वयंसेवकों की भविष्य की योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषय केंद्र में रहे। स्वयंसेवकों ने अपने विचार खुलकर व्यक्त किए और समूह चर्चा के माध्यम से नई दृष्टि विकसित की। सत्र को और अधिक रोचक बनाने के लिए प्रतिभागियों ने अपनी स्वलिखित कविताओं का भावपूर्ण प्रस्तुतिकरण भी किया, जिसने वातावरण को सृजनात्मक ऊर्जा से भर दिया।

भोजन उपरांत आयोजित मार्गदर्शन सत्र में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों ने स्वयंसेवकों को प्रेरित किया। रसायन विभाग के विभाग प्रभारी प्रो. एस.पी. मधवाल ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और तर्कसंगत सोच विकसित करने पर बल दिया। भौतिक विज्ञान विभाग के डॉ. डी. एस. चौहान ने अनुशासन और निरंतर अभ्यास को सफलता की कुंजी बताया।

इतिहास विभाग के डॉ. अभिषेक कुकरेती ने युवाओं को अपने अतीत से सीख लेकर भविष्य निर्माण करने की प्रेरणा दी, वहीं हिंदी विभाग के विभाग प्रभारी डॉ. उमेश ध्यानी ने भाषा और अभिव्यक्ति कौशल को व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।

आमंत्रित वक्ताओं ने स्वयंसेवकों को केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक रूप से भी सशक्त बनने का संदेश दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि युवा सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करें। साथ ही, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और सामूहिक कार्यशैली को विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

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