बद्रीनाथ : लंबे इंतजार के बाद रविवार को पहाड़ों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। भू-वैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब और विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी में एक बार फिर जमकर बर्फबारी हुई है। बद्रीनाथ धाम स्थित नीलकंठ पर्वत, नारायण पर्वत और मंदिर परिसर के आसपास के क्षेत्रों में भारी हिमपात होने से समूचा क्षेत्र श्वेत चादर में लिपट गया है। इस बर्फबारी के कारण बद्रीनाथ सहित निचले इलाकों में कड़ाके की ठंड एक बार फिर लौट आई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह शीत लहर की चपेट में है।

वहीं, जनपद चमोली के ऊंचाई वाले इलाकों में जहां बर्फबारी का दौर जारी है, वहीं निचले क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश ने स्थानीय निवासियों और विशेषकर काश्तकारों को बड़ी राहत दी है। लंबे समय से सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी का यह ‘यू-टर्न’ फसलों के लिए संजीवनी माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्षा से बागवानी और रबी की फसलों को नया जीवन मिलेगा। प्रकृति के इस बदलते स्वरूप ने न केवल सूखे के डर को खत्म किया है, बल्कि चमोली के पर्यटन और कृषि क्षेत्र में नई उम्मीदें जगा दी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *