कालागढ़ । क्षेत्र में किसी भी प्रकार का ध्वस्तीकरण ना किये जाने के न्यायालय के आदेशों के बाद कुछ व्यापारी जो राजकीय आवासों में निवासरत थे अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके है तथा आवासों को सम्बंधित विभाग को न सौंपकर अन्य व्यक्तियों को बेचकर गये है  ऐसे व्यापारी अपने द्वारा निर्मित भवनों को ध्वस्त कर क्षेत्र में दहशत का माहौल उत्पन्न करने तथा मलबा ले जाने हेतू प्रयासरत है । जबकि उच्च न्यायालय नैनीताल उत्तराखंड के आदेश दिनांक 7 जनवरी 2025 के द्वारा ध्वस्तीकरण को स्थगित कर दिया गया है । ऐसे मैं यह कोर्ट के आदेशों की अवहेलना होगी जिस सम्बन्ध में कालागढ़ कल्याण व उत्थान समिति ने सिंचाई विभाग को पत्र प्रेषित कर मामले को संज्ञान में लेकर ऐसे किसी भी भवन के ध्वस्तीकरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की व समिति के सदस्य परशुराम ने कहा कि उच्च न्यायालय के साफ आदेश है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का ध्वस्तीकरण ना हो ऐसे में यदि कोई भी भवन ध्वस्त कर मलबा उठाया जाता है तो यह सीधे सीधे उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है और ऐसा करने वाले समस्त सम्बंधित के विरुद्ध न्यायालय में अवमानना वाद दायर किया जायेगा । मौके पर समिति के सचिव राजेश्वर अग्रवाल व सदस्य दीपक कुमार मौजूद रहे ।

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