सतपुली । द हंस फाउंडेशन के द्वारा संचालित वनाग्नि शमन एवं रोकथाम परियोजना के अंतर्गत चयनित वॉलिंटियर फायर फाइटरो को वन अग्नि प्रबंधन व रोकथाम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला वन विभाग परिसर फरसुला में आयोजित किया गया।
जयहरीखाल विकासखण्ड के   अंतर्गत 15 गावों के 80 चयनित फायर फाइटरो को वन विभाग,  राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधि व केंट प्रभारी निरीक्षक लैन्सडाउन के द्वारा वनों को आग से बचाने और स्वयं के बचाव के लिये प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम कि शुरुआत करते हुये द हंस फाउंडेशन सामुदायिक विकास विशेषज्ञ सतीश बहुगुणा ने हंस फाउंडेशन द्वारा संचालित कार्यक्रम और विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी जिसमे वनाग्नि शमन एवं रोकथाम परियोजना के बारे मे जानकारी देते हुए कहा कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय के साथ मिलकर वनों मे लगने वाली आग के प्रति लोगों को जागरूक करना और ग्राम स्तर पर वनाग्नि की घटनाओं को कम करना हैं। बताया कि द हंस फाउंडेशन के द्वारा वॉलिंटियर फायर फाइटरो का 10 लाख का बीमा भी किया गया है। इसके साथ ही परियोजना द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई ।
वन प्रभाग लैंसडाउन से प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार, जयहरीखाल रेंज के रेंजर राकेश चंद्र शाह ने वनो में आग लगने के कारणों को बताते हुए उनके रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दी गई और समुदाय और विभाग के आपसी सहयोग से वनाग्नि को रोका जा सकता है। वनो की आग से जलवायु परिवर्तन, मिट्टी की उर्वरता शक्ति समाप्त हो जाती हैं , वन पंचायत नियमावली के बारे में जानकारी देते हुए सरपंचो के अधिकारों के बारे मे जानकारी दी एवं वनो को आग से बचाने के लिए द हंस फाउंडेशन के द्वारा किये जा रहे कार्य की सराहना करते हुए द हंस फाउंडेशन का धन्यवाद किया। पुलिस प्रशासन के उपनिरीक्षक अमित कुमार ने वनो को आग से बचाने के दौरान चोट लगने या किसी भी तरह अपरिहार्य घटना के दौरान किस तरह रेस्क्यू करना है उसकी जानकारी दी गई। साथ ही साइबर क्राइम और उसके बचाव के लिए जानकारी देते हुए सभी को जागरूक रहने के संदेश दिया गया ।

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