• सूचना अधिकार अधिनियम-2005 पर कार्यशाला आयोजित
  • सभी लोक सूचना अधिकारी अपने अधिकार को जानें तथा जन शिकायतों का करें शीघ्र निस्तारण
रुद्रप्रयाग : मुख्य विकास अधिकारी डाॅ. जीएस खाती की अध्यक्षता में विकास भवन के सभागार में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के प्रति अधिकारियों और कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ाना एवं पारदर्शिता के साथ सूचना उपलब्ध कराने से संबंधित विषयों पर चर्चा करना था। यह कार्यशाला डॉ. आर. एस. टोलिया उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी, नैनीताल के तत्वावधान में आयोजित की गई थी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डाॅ. जीएस खाती ने उपस्थित लोक सूचना अधिकारियों एवं विभागीय अपीलीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत प्राप्त आवेदनों का पारदर्शिता एवं समय-सीमा के अंतर्गत निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उपस्थित अधिकारी अधिनियम की बारीकियों को भली-भांति समझें, ताकि आवेदकों को कम समय में सही जानकारी उपलब्ध कराई जा सके एवं उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने बताया कि यह अधिनियम प्रदेश में 12 अक्टूबर, 2005 को लागू किया गया, जिसमें कुल 31 सेक्शन एवं 13 नियम शामिल है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि सहायक लोक सूचना अधिकारी को पांच दिन के भीतर संबंधित सूचना लोक सूचना अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी, और लोक सूचना अधिकारी को अधिकतम एक माह के भीतर सूचना प्रदान करना अनिवार्य है। उन्होंने अतिरिक्त शुल्क जमा करने, तीसरे पक्ष से संबंधित सूचना प्रदान करने, व्यक्तिगत सूचनाओं से संबंधित प्रावधानों और 48 घंटे के भीतर सूचना उपलब्ध कराने जैसे विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी लोक सूचना अधिकारी प्रत्येक छह माह में अपने विभागीय सूचना रजिस्टर को अद्यतन करते रहें, साथ ही अपने अधिकारों को जानते हुए जन शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, परियोजना निदेशक विमल कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र सिंह बिष्ट सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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