ज्योतिर्मठ। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हेलंग से मारवाड़ी के बीच निर्माणाधीन बाईपास सड़क में सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय नियमों की खुलेआम अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने निर्माण कार्य की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि सड़क कटिंग से निकला मलबा निर्धारित डंपिंग जोन में डालने के बजाय सीधे अलकनंदा नदी में फेंका जा रहा है। साथ ही क्षेत्र में भारी ब्लास्टिंग किए जाने के भी आरोप लग रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल पर्यावरण के लिए घातक हैं, बल्कि इससे गंगा की सहायक नदी अलकनंदा के अस्तित्व पर भी संकट मंडरा रहा है। ग्रामीणों के तीव्र विरोध और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है।
मामले पर उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने स्पष्ट किया कि सेलंग गांव के समीप केवल ढाई किलोमीटर क्षेत्र में सीमित ब्लास्टिंग की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि नदी में मलबा डालना पूरी तरह प्रतिबंधित है और यदि ऐसा किया गया है तो यह गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्यों पर सख्त निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *