रुपईडीहा/बहराइच : उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रुपईडीहा थाना क्षेत्र के रामनगर गांव (बसंतपुर उदल मजरा) में रविवार रात करीब 1:30 बजे एक पारिवारिक विवाद ने भयावह रूप ले लिया। संपत्ति बंटवारे को लेकर छोटे बेटे ने कुल्हाड़ी से हमला कर अपने माता-पिता, दादी और बहन की बेरहमी से हत्या कर दी। विरोध करने पहुंचे बड़े भाई पर भी हमला किया गया, जबकि संघर्ष में आरोपी छोटा भाई भी घायल हो गया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल फैला दिया है।
मृतकों की पहचान
- दादी शीतला देवी.
- पिता बदलूराम.
- मां संजू देवी.
- बहन पार्वती.
घायलों में बड़ा भाई गुरुदेव (33 वर्ष) और छोटा भाई (आरोपी) निरंकार (27 वर्ष) शामिल हैं। निरंकार की हालत नाजुक होने पर उसे लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है, जबकि गुरुदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरदा में भर्ती हैं।
घटना की शुरुआत रात करीब 1 बजे हुई, जब निरंकार ने संपत्ति के मामले को लेकर पिता पर अनर्गल आरोप लगाए। कहासुनी बढ़ने पर उसने घर में रखी कुल्हाड़ी से एक-एक कर परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर बाहर मौजूद गुरुदेव अंदर पहुंचे तो निरंकार ने उन पर भी कुल्हाड़ी से वार किया। संघर्ष के दौरान गुरुदेव ने विरोध किया, जिसके बाद निरंकार ने कुल्हाड़ी छोड़ दी और पास पड़ी ईंट से अपने सिर पर प्रहार कर खुद को घायल कर लिया।
ग्रामीणों की सूचना पर चौकी प्रभारी बाबागंज शिवेश कुमार शुक्ला और 112 पुलिस टीम रात में ही मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरदा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने चारों मृतकों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर घायल गुरुदेव और निरंकार को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां से निरंकार को लखनऊ भेजा गया।
भोर होते ही थाना प्रभारी आरएस रावत, क्षेत्राधिकारी पहुप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटवाए। घर के अंदर खून के निशान, टूटी-फूटी वस्तुएं बिखरी मिलीं, जबकि प्रयुक्त कुल्हाड़ी घर के बाहर से बरामद हुई।
पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। एहतियातन गांव में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।
गुरुदेव ने पुलिस पूछताछ में बताया कि पिछले 4 साल से निरंकार संपत्ति के मामले को लेकर पिता पर आरोप लगाता रहता था और मारपीट करता था। 4 साल पहले इसी कलह के चलते उसकी पत्नी घर छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद वह और अधिक निरंकुश हो गया। रात में फिर से विवाद शुरू होने पर उसने कुल्हाड़ी उठा ली।
ग्रामीणों ने बताया कि परिवार में लंबे समय से बंटवारे को लेकर तनाव था, लेकिन किसी ने इतनी भयानक घटना की उम्मीद नहीं की थी। पुलिस ने जांच पूरी होने तक किसी भी अटकल से बचने की अपील की है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
