चमोली : अप्रैल के पहले सप्ताह में भी उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। सोमवार को बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल औली में हुई जबरदस्त बर्फबारी ने पूरी घाटी को चांदी जैसी सफेद चादर से ढक दिया है। पिछले 24 घंटों से जारी बारिश और बर्फबारी के चलते जहाँ एक ओर जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं तापमान में आई भारी गिरावट ने अप्रैल में ही दिसंबर-जनवरी जैसी कड़ाके की ठंड का अहसास करा दिया है।

बद्रीनाथ धाम में कपाट खुलने की तैयारियों के बीच खराब मौसम अब बाधा बनने लगा है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व उपाध्यक्ष और स्थानीय निवासी किशोर पंवार ने बताया कि लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश के कारण धाम में मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने चिंता जताई कि यदि मौसम का यही रुख रहा तो आगामी यात्रा व्यवस्थाओं और तैयारियों को समय पर पूरा करने में बड़ी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। कपाट खुलने से पहले बढ़ती ठंड ने प्रशासन और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

दूसरी ओर, इस बेमौसम बर्फबारी ने पर्यटकों के चेहरे खिला दिए हैं। होटल कारोबारी अजय भट्ट का कहना है कि औली में जहाँ इस समय हल्की गर्मी शुरू हो जाती थी, वहां अब कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों के लिए यह बर्फबारी किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है; सैलानी अप्रैल के महीने में दिसंबर जैसे मौसम और ताजी बर्फ का लुत्फ उठा रहे हैं। हालांकि, बदलते मौसम ने व्यवस्थाओं के मोर्चे पर कुछ परेशानियां जरूर खड़ी की हैं, लेकिन कुदरत के इस विहंगम दृश्य ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है।

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