• शास्त्रीय एवं सुगम संगीत के प्रचार-प्रसार हेतु ‘श्री गोपीनाथ संगीत शाला’ का भव्य आयोजन; मोहम्मद रफी की गजलों से महकी शाम

गोपेश्वर (चमोली) : सीमांत जनपद के मुख्यालय गोपेश्वर में आयोजित एक भव्य सांस्कृतिक संध्या ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘श्री गोपीनाथ संगीत शाला समिति’ द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देवभूमि में शास्त्रीय एवं सुगम संगीत की समृद्ध परंपरा को पुनर्जीवित करने के साथ साथ संस्कृति के विकास एवं संरक्षण में कार्य कर रहे कलाकारों को सम्मानित करना था।

कार्यक्रम में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध गायक विवेक नौटियाल और ख्याति प्राप्त कलाकार अमित खरे ने अपनी जादुई आवाज़ से पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया। गायक अमित खरे ने संगीत के अमर हस्ताक्षर मोहम्मद रफी की कालजयी गजलों और गीतों को प्रस्तुत कर पुरानी यादें ताजा कर दीं। उनकी गायकी ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया और कार्यक्रम में ‘समां बांध’ दिया।

वहीं, विवेक नौटियाल ने अपनी मखमली आवाज में गजलें और गीत पेश कर उपस्थित जनसमूह की खूब वाहवाही बटोरी। रागों और तालों पर आधारित इन प्रस्तुतियों ने गोपेश्वर नगर में पहली बार शास्त्रीय सुगम संगीत का एक अनूठा माहौल तैयार किया। साथ ही संस्थान के द्वारा ढोल वादन, जागर गायन, लोक गीत लेखन में अपनी भूमिका दे रहे कलाकारों को भी किया गया

संस्थान की ओर से इस कार्यक्रम का आयोजन केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि एक गहरे उद्देश्य के साथ किया गया। संस्थान का लक्ष्य है कि शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा और उसके महत्व को हर घर तक पहुँचाया जाए। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि संगीत न केवल मनोरंजन है, बल्कि यह अनुशासन और साधना का मार्ग है। स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और उन्हें शास्त्रीय बारीकियों से परिचित कराना इस आयोजन की मुख्य प्राथमिकता रही।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध जन और संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। उपस्थित अतिथियों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और शास्त्रीय कला से जुड़ने का अवसर मिलता है। संगीत की इस शाम ने यह सिद्ध कर दिया कि गोपेश्वर जैसे नगर में भी शास्त्रीय और सुगम संगीत के प्रति गहरा अनुराग है।

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