गोपेश्वर (चमोली)। ऑनलाइन गेम की लत से कर्णप्रयाग से भागे किशोर को पुलिस ने हरिद्वार से सकुशल बरामद किया है। मिली जानकारी के अनुसार 13 फरवरी को एक व्यक्ति ने कर्णप्रयाग कोतवाली को सूचना दी थी कि उनका 14 वर्षीय नाबालिग बेटा बिना बताए घर से कहीं चला गया है। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के चलते पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को तत्काल लापता किशोर की बरामदगी के निर्देश दिए।

इस मामले में कोतवाली में मामला दर्ज किया गया। पुलिस उपाधीक्षक त्रिवेंद्र सिंह राणा के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक राकेश चंद्र भट्ट के नेतृत्व में गुमशुदा की तलाश के लिए एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने परिजनों से गहन पूछताछ कर नाबालिग की दिनचर्या, दोस्तों एवं संभावित ठिकानों के बारें में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। प्राप्त तथ्यों के आधार पर गहन जांच पडताल करते हुए सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इसी दौरान सर्विलांस सेल की तकनीकी टीम ने मोबाइल डाटा एवं अन्य इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर अहम इनपुट उपलब्ध कराए। इस आधार पर नाबालिग की लोकेशन हरिद्वार रेलवे स्टेशन के आसपास ट्रेस की गई। इस आधार पर पुलिस टीम हरिद्वार पहुंची और तलाश करने पर रविवार नाबालिग को हरिद्वार बस स्टेशन के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया। बरामदी के बाद नाबालिग को कर्णप्रयाग लाया गया और कांउसिलिंग के पश्चात उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह ऑनलाइन गेम खेलने का आदि हो गया था। इस लत के कारण वह दिसंबर माह से स्कूल नहीं जा रहा था। परिजनों को अंधेरे में रखने के लिए वह रोज स्कूल ड्रेस पहन कर घर से अन्यत्र निकल जाता था। परीक्षा होने के चलते वह घबरा गया और 12 फरवरी को बिना बताए हरिद्वार चले गया।

पुलिस अधीक्षक सुरजीत पंवार ने सभी लोगों से बच्चों के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा डिजीटल युग ने बच्चों के सामने नई चुनौती पेश कर दी है। इसलिए बच्चों की बदलती मानसिक स्थिति को समझना जरूरी है। ऑनलाइन गेमिंग केवल मनोरंजन ही नहीं अपितु गंभीर लत बनती जा रही है। इसलिए अभिभावकों को खासकर परीक्षा के समय बच्चों से संवाद कर मित्रवत व्यवहार बनाना चाहिए।

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