थैंक्स चमोली,
       ढेरों अनुभव के साथ एक खूबसूरत आध्यात्मिक पथ देने के लिए, अद्भुत सौंदर्य से भरे इन पर्वतों के मध्य बसे इस खूबसूरत जनपद में बेहतरीन समय गुजारने के लिए, तीन साल के सफर में इस खूबसूरत जनपद में अनेकों अनुभव हुए, यहां की नैसर्गिक दुनिया में आध्यात्मिक खुशबू है तो आबोहवा में प्राकृतिक सौंदर्य है हिम चोटियां पर बने शिवालय दर्शन है तो घाटियों में मां अलकनंदा की गर्जना है सीमांत गावों की एक अलग संस्कृति एक अलग सभ्यता है तो सड़कों में चारधाम की एक अलग रौनक है।
यहां शाम को सड़कों में दौड़ लगाता युवा है तो चौराहों में चौपाल लगाते युवा नेता भी दिख जाते है पुस्तकालय के आगोश में ज्ञान को अर्जित करते स्कूली बच्चे, है तो चाय की टपरी पर चाय के शौकीन। यदि सभी को एक धागे में गूंथ दे तो एक संपूर्णता का अनुभव करता जनपद है यह चमोली का यह मुख्यालय गोपेश्वर।
मेरा लगभग तीन साल नो माह का सेवा सफर जनपद चमोली में रहा, जिस सफर के दौरान अनेक महत्वपूर्ण ड्यूटियों की चुनौती निष्पादन में मेरी भी एक सूक्ष्म भागीदारी रही जिसकी सीख सिखलाई मेरे जीवन को सुगम बनाने में अवश्य की सार्थक रहेगी।
सड़कों में कर्तव्य निर्वहन के दौरान में अनेक साधु संतों फकीरों के जीवन को देखा, भक्तिमय श्रद्धालुओं के कठिन सफर को देखा, देखा मेने अभिमान से ग्रसित स्वाभिमान से टकराती नजरों को, तो वहीं कांपते हाथों से आशीर्वाद देते बुजुर्गों के चेहरे की भाव संज्ञा से भी रूबरू हुआ , गरीबी के परदे में चालान से बचते बहाने देखे, तो गरीबी की वीभत्स बेबसी भी देखी। अल्हड़ उम्र के बाइक सवार बच्चों के गुदगुदाते विचार सुने, तो वहीं विद्वान जनों का सत्संग भी प्राप्त हुआ। यदि में विश्लेषण करता हूं तो पाता हूं मेरी यह चार वर्ष की यात्रा अनेक अनुभवों को समेटे हैं।
मैं मेरी इस यात्रा , इस कार्यकाल को सफल सार्थक और अर्थपूर्ण बनाने के लिए संपूर्ण पुलिस परिवार, मीडिया पत्रकार बंधु ओर जनपद की सम्मानित जनता का आभार व्यक्त करने ओर साधुवाद प्रकट करता हूं🙏

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