रिखणीखाल । प्रखंड रिखणीखाल के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिमलसैण में कई माह से ताला लटका हुआ है, बीमार लोगों को कोटद्वार सहित कई अन्य जगह जाने को मजबूर होना पड़ रहा है ।
अक्सर देखा गया है कि रिखणीखाल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व उप केन्द्रों पर ताले लटके हुए पाए जाते हैं या स्वास्थ्य केंद्र कर्मचारी विहीन या नदारद पाये जाते हैं। इसमें ज्यादा अफसोस नहीं होना चाहिए। ये उत्तराखंड के लिए सामान्य बात है।क्योंकि वहाँ की स्थानीय जनता जागरूक नहीं होती या फिर सोचते हैं कि जैसे चल रहा है,वैसे ही चलने दो।क्यों किसी से बुराई मोल लेनी है या गाली-गलौज खानी है। स्थानीय निवासी व रिखणीखाल जन चेतनाए समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत व अन्य नागरिकों ने जानकारी दी है कि रिखणीखाल प्रखंड का राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिमलसैण काफी दिनों, महीनों से डॉक्टर नियुक्त नहीं है तथा स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका हुआ है। कई लोग आजकल गर्मियों के अवकाश पर अपने गांव आए हुए हैं, जब उन्हें स्वास्थ्य सम्बन्धी शिकायत पर अस्पताल का रुख करना पड़ता हैं तो उनको वहां ताला लटका हुआ मिलता है।अन्य कर्मचारी भी उपलब्ध नहीं रहते हैं ।स्थानीय लोगों ने जानकारी दी व स्वीकार किया कि यहां तो कई महीनों से बन्द पड़ा है।
इसी परिप्रेक्ष्य में रिखणीखाल जन चेतना समिति के जुझारू अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिमलसैण की स्थिति बयां की है कि यहां तो डब्बल इंजन की सरकार होते हुए भी लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड किया जा रहा है। वे यहीं पर नहीं रुके, उन्होंने कहा कि भारत विश्व गुरु बनने जा रहा है और हमारी देवभूमि शर्मसार होती जा रही है। अब सन 2025 भी आने वाला है,जिसमें उत्तराखंड को देश का नम्बर वन राज्य बनना है। ऐसे में ये सपना कैसे फलीभूत व साकार होगा समझ से परे है। फिर उन्होनें बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय को भी ई मेल भेजा है,जिसकी पावती उन्हें मिल गई है । अब आने वाला वक्त ही बतायेगा कि राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिमलसैण में डॉक्टर व स्टाफ की नियुक्ति कब तक होती है तथा ताला कब खुलेगा ?
