कोटद्वार । खोह नदी के तट पर सिद्धौ का डांडा ‘यं शैवा समुपास्यते शिव इति ब्रह्योति वेदांति नो, बौद्धा बुद्ध इति परमाण पटुवा करतेति नैयायिक….. जैसे अभिषेक मंत्रों से गुंजायमान रहा।  अवसर था तीन दिवसीय श्री सिद्धबली बाबा वार्षिक अनुष्ठान महोत्सव 2023 के तहत एकादश कुंडीय यज्ञ के शुभारंभ का। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पौड़ी जिले के कोटद्वार में खोह नदी के तट पर तीन दिवसीय श्री सिद्धबली बाबा वार्षिक महोत्सव का शुभारंभ पूरे विधि विधान के साथ किया गया। जिसके प्रथम दिन शुक्रवार को प्रातः सिद्धबली बाबा की धार्मिक प्रथम यात्रा कोटद्वार की पवित्र खोह नदी की परिक्रमा, गंगा पूजन और कन्याओं के द्वारा कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ। खोह नदी के तट पर मंदिर के महंत दलीप रावत और धार्मिक श्रद्धालु जनो वेद पाठी ब्राह्मणों ने विधिवत वेद मंत्रोच्चारण व मां गंगा की आरती के साथ श्री सिद्धबली बाबा के मेले के प्रथम दिन का शुभारंभ किया।
श्री सिद्धबली बाबा की पवित्र मूर्ति और पिंडी महास्नान कन्याओं द्वारा लाए गए कलश के जल से किया गया। महोत्सव के शुभारंभ पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तजनों ने श्री सिद्धबली महोत्सव के प्रथम दिन धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। सभी धार्मिक अनुष्ठान वेद आचार्य पंडित देवी प्रसाद भट्ट की अगुवाई में सम्पन्न हुए । इसके बाद शाम 3 बजे मंदिर से नगर तक भव्य शोभायात्रा मुख्य आकर्षण का केंद्र रही ।शोभायात्रा में दिल्ली का मशहूर नासिक ढोल, राधाकृष्ण का डांडिया रास, हनुमान जी की झांकी व काली का अखाड़ा मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे । क्षेत्र की कई कीर्तन मंडलियों ने भी इसमें प्रतिभाग किया । इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ जेपी ध्यानी, मंदिर के महंत दिलीप सिंह रावत, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, कोटद्वार नगर निगम की प्रथम मेयर हेमलता नेगी सहित तमाम श्रद्धालु मौजूद रहे ।



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