​ज्योतिर्मठ। सीमांत क्षेत्र ज्योतिर्मठ में स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार की संभावनाओं को तराशने के उद्देश्य से मशरूम उत्पादन पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में काशीपुर से आए विख्यात मशरूम प्रशिक्षक शुभम बडोला ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत कर प्रतिभागियों को मशरूम उगाने की बारीकियों और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से रूबरू कराया। कार्यक्रम में ज्योतिर्मठ की मास्टर ट्रेनर श्रीमती सुमेधा भट्ट का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक जानकारी साझा करते हुए प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया। प्रशिक्षकों ने संयुक्त रूप से बीज (स्पॉन) की उत्तम गुणवत्ता, तापमान व नमी का सटीक संतुलन तथा रोगों से बचाव के उन्नत उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यूनतम लागत और सीमित संसाधनों में मशरूम की खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित हो सकती है। प्रशिक्षण में स्थानीय युवाओं और काश्तकारों ने भारी उत्साह के साथ प्रतिभाग किया और इस पहल को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।

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