कोटद्वार । रिखणीखाल के लिए उम्मेद सिंह रावत किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उम्मेद सिंह रावत का जन्म सन 1932 में ग्राम चैरियू में हुआ था, इनके पिता स्वर्गीय इन्द्र सिंह रावत थे। इनकी शिक्षा दीक्षा ज्यादा नहीं है। ये बाल्यकाल से ही कुशाग्र बुद्धि के हैं। ये हर क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में रहते हैं। यह कई वर्षों से रामलीला, ड्रामा, शादी-ब्याह, खेलकूद आदि मंचों पर अपने अभिनय का परिचय देते रहे हैं। रामलीला के मंचों पर रावण, सुर्पणखा, कुम्भकर्ण आदि अनेक  पात्रों का अभिनय व किरदार निभाते आ रहे हैं। इनकी कला, गायन, अभिनय अद्भुत है।
अभी इस 13 नवम्बर से रिखणीखाल प्रखंड के ग्राम  कुमाल्डी में रामलीला मंचन का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसमें उम्मेद सिंह रावत रावण का किरदार बखूबी निभायेंगे। आजकल सादे कपडों में चुने हुए पात्रों का अभ्यास चल रहा है। उसमें भी उनका एक छोटा सा वीडियो सामने आया है।ये पात्रों को अभिनय की कला आदि सिखा रहे हैं और स्वयं भी रावण का अभिनय जोरदार निभाते हैं। इनके अभिनय को देखने के लिए सैकडों की भीड़ जमा हो जाती है। यह शुरू से ही ढोल वादन, मशकबीन, हारमोनियम, तबला बजाने के साथ-साथ एक गायक, अभिनेता भी हैं। इनकी उम्र अभी 92 वर्ष है। इस आखिरी पड़ाव में भी इनका जोश, उत्साह, स्वास्थ्य, खाना पीना, रहन-सहन आदि अच्छा है। अपने समय में ग्राम पंचायत, प्रधान, सरपंच आदि रहे हैं। यह सामाजिक कार्यों में भी विशेष रूचि रखते हैं। इनका मूल गाँव ग्राम नावेतल्ली है,इनके पिता सन 1914 में चैरियू (झर्त)आकर बस गये थे। यह एक उम्दा दर्जे के कलाकार हैं।

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