कोटद्वार/गढ़वाल : उत्तराखण्ड विकास पार्टी  के सचिव एडवोकेट जगदीश चंद्र जोशी ने अन्य प्रदेशों विशेषकर उत्तर प्रदेश से आने वाले लोगों के सत्यापन की मांग की। उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने हरिद्वार, देहरादून, उधमसिंह नगर और नैनीताल के स्थाई निवास प्रमाणपत्रों की जाँच की मांग की और कहा कि पीलीभीत, मुरादाबाद, सहारनपुर बिजनौर और मुजफ्फरनगर के अराजक तत्वों ने उत्तराखण्ड में औन पौन जमीनें खरीद ली और उत्तर प्रदेश के मूल निवासी होने के साथ साथ यहाँ के स्थाई निवासी भी हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि हालिया घटनाओं में आरोपी मुख्यत: उत्तर प्रदेश के रहे हैं और बदनामी उत्तराखण्ड की हो रही है।
उन्होंने कहा कि यदि मूल निवास 1950 लागू न किया गया तो उत्तराखण्ड की कानून व्यवस्था और खराब हो जायेगी। उन्होंने कहा कि मात्र आरोपियों की गिरफ़्तारी मात्र से ऐसे अपराधों पर लगाम नहीं कसती। उन्होंने कहा कि इस समस्या का अभी जड़ से समाधान होना जरूरी है, अन्यथा बाद में हालत इतने खराब हो जायेंगे कि चाहते हुए भी उत्तराखण्ड के हितों के फैसले नहीं लिए जा सकेंगे। एडवोकेट जोशी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग यहाँ के लोगों से ज्यादा समर्थ और समृद्ध हैं, और वे अपने बच्चों को नौकरी पर लगाने के लिए मोटी रकम भी देने को तैयार हैं। ऐसे में स्थाई निवास बन जाने पर यहाँ के मूल निवासियों का हक मर जाना स्वाभाविक ही है। यह लड़ाई एक-एक करके नहीं लड़ी जा सकती है, इसके लिए सभी को  एक साथ आगे आना पड़ेगा।

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