हरिद्वार :  चीला रोड स्थित पौराणिक सिद्ध पीठ मां विंध्यवासिनी मंदिर में उत्तरी हरिद्वार के व्यापारियों द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया । इस अवसर पर बोलते हुए स्वामी नामदेव जी महाराज ने कहा पौराणिक सिद्ध पीठ सरकारी उदासीनता का शिकार हो रही है । भक्तजनों की भावनाओं को सरकार ध्यान में नहीं रख रही है । पौराणिक सिद्ध पीठ पूरी तरह संसाधन विहीन है । मंदिर तक सरकार को सड़क बनाने की तत्काल व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही ऊपर मंदिर तक बोरिंग के माध्यम से अथवा जल संस्थान के माध्यम से पानी की व्यवस्था की जानी चाहिए ।
भगवान कृष्ण की बहन महामाया को जब कंश ने हत्या के उद्देश्य से पटका था तो मां महामाया के चरण इस पावन स्थान पर पड़े थे। यहां जो भी भक्त सच्चे मन से आता है उसके जीवन के सभी संताप समाप्त हो जाते हैं तथा मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर बोलते हुए प्रबंधक ट्रस्टी अध्यक्ष पूज्य श्री महंत महायोगी विंध्यवासिनी मंदिर ने कहा जो इस पावन स्थान पर  आता है। अपनी मन्नत पूर्ण होने पर हंसता गाता अपने गंतव्य स्थान की ओर जाता है। यह पौराणिक स्थल संसाधन विहीन होने के बाद भी भक्तों की भारी आस्था का केंद्र बना हुआ है। उत्तराखंड सरकार को मंदिर तक सड़क का निर्माण  करना चाहिए । साथ ही मंदिर की सीढ़ियो पर भक्तों की सुरक्षा को देखते हुए गैलेरिग लगाया जाना चाहिए ताकि कोई भक्त फिसल न जाए । यह पौराणिक स्थल सदियों से यहां स्थापित है किंतु सरकारी उदासीनताओं का शिकार है ।
उन्होंने उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा वन मंत्री से भक्त जनों की आस्था को देखते हुए वाहन सड़क निर्माण की अनुमति के साथ-साथ तत्काल सड़क निर्माण तथा मंदिर तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था किए जाने की मांग की। व्यापारियों द्वारा किए गए विशाल भंडारे में कई सौ श्रद्धालु भक्त जनों ने भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया। तथा मां विंध्यवासिनी मंदिर में माथा टेक अपने जीवन को धन्य और कृतार्थ किया । इस अवसर पर कमल अग्रवाल, ठाकुर मनोज कुमार, परवीन कश्यप सहित भारी संख्या में हरिद्वार शहर के प्रबुद्ध व्यापारी तथा व्यापारियों के परिवारजन उपस्थित थे।



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