गैरसैण (चमोली)। वन पंचायत परामर्शदात्री समिति चमोली की ओर से अपनी मांगों को लेकर बुधवार को उत्तराखंड विधान सभा के मानसून सत्र के पहले दिन भरारीसैण कूच किया गया। पुलिस ने उन्हें जंगल चट्टी के पास बनने बैरियर पर रोका गया जहां से वे पैदल ही दीवालीखाल पहुंचे जहां पर विधान सभा को जाने वाले रास्ते पर बने बैरियर पर एक बार फिर से पुलिस ने उन्हें रोका जिसके बाद उन्होंने अपने मांग पत्र को अधिकारियों को सौंपा। 

परामशदात्री समिति के जिलाध्यक्ष कैलाश चंद्र खंडूरी का कहना है कि एक लंबे समय से उनका संगठन अपनी मांगों को लेकर वन विभाग के आलाधिकारियों से गुहार लगाता आ रहा है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है जबकि समिति के सदस्य हर वर्ष बिना किसी संसाधन के वन विभाग के साथ मिलकर तथा स्वयं ग्रामीणों के साथ वनाग्नि से जंगलों को बचाने में लगे रहते है। समिति की ओर से कई बार उन्हें वनाग्नि की रोकथाम के लिए संसाधन उपलब्ध करवाये जाने की मांग की जाती रही है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि उन्हें हर वर्ष वनों को बचाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाए, वन पंचायतों में वन विभाग की ओर से ठेकेदारी प्रथा को समाप्त किया जाए, ठोस आधुनिक वन कानून बनाया जाए आदि शामिल है।

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