देहरादून : उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रविवार को एक बार फिर मौसम ने करवट बदली है, जिससे पूरी घाटी कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गई है। सीमांत जनपद चमोली के ऊंचाई वाले इलाकों, विशेषकर भगवान बद्रीविशाल के धाम, हेमकुंड साहिब और विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात दर्ज किया गया है। बर्फबारी के चलते पहाड़ों की चोटियों ने एक बार फिर सफेद चादर ओढ़ ली है, जिससे समूचे क्षेत्र के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, निचले इलाकों और मुख्य बाजारों में सुबह से ही रुक-रुक कर हो रही हल्की बूंदाबांदी ने मार्च के करीब आते समय में भी जनवरी जैसी ठिठुरन का अहसास करा दिया है।
विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल औली में भी मौसम के दो रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां औली के मुख्य ढलानों पर हल्की बारिश और कोहरे का साम्राज्य है, वहीं औली के ऊपरी हिस्सों (जैसे गोरसों बुग्याल) में बर्फ की फुहारें गिरनी शुरू हो गई हैं। अचानक आए इस बदलाव से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी भारी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते अगले दो से तीन दिनों तक पहाड़ों में मौसम का यही रुख बने रहने का पूर्वानुमान है। विभाग ने चेतावनी जारी की है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में ओलावृष्टि व तेज गर्जना के साथ बारिश हो सकती है। प्रशासन ने भी बदलते मौसम को देखते हुए ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आवाजाही करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
