हरिद्वार। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत, तुलसी ग्राम जगजीतपुर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय आयुष्मान आरोग्य मंदिर को प्रतिष्ठित एनएबीएच (NABH) सर्टिफिकेशन और एक्रीडिटेशन प्रदान किया गया है। यह सर्टिफिकेशन आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में इस चिकित्सालय की उत्कृष्ट सेवाओं और गुणवत्ता की मान्यता है।
राष्ट्रीय आयुष मिशन के नोडल अधिकारी डॉ. अवनीश उपाध्याय ने चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अश्वनी कौशिक को यह सर्टिफिकेट प्रदान किया। उन्होंने कहा कि डॉ. कौशिक द्वारा जगजीतपुर में बेहतर आयुर्वेदिक सेवाएं दी जा रही हैं और तुलसी ग्राम के रूप में क्षेत्र का विकास भी किया जा रहा है। डॉ. अवनीश उपाध्याय ने इस उपलब्धि पर चिकित्सालय की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह आयुर्वेद चिकित्सा के प्रति लोगों का विश्वास और बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस मान्यता के माध्यम से क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा और पहचान मिलेगी।

आयुर्वेद चिकित्सा को नई ऊंचाई पर पहुंचाने का प्रयास

डॉ. अश्वनी कौशिक ने बताया कि NABH सर्टिफिकेशन के बाद अब आने वाले मरीजों को उन्नत सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने बताया कि यहां आने वाले रोगियों को उच्च गुणवत्ता की आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाएं और सुव्यवस्थित उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

12 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को NABH सर्टिफिकेशन

जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. स्वास्तिक सुरेश ने जानकारी दी कि जिले के 12 आयुष हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर्स को NABH सर्टिफिकेशन प्राप्त हो चुका है। इन केंद्रों में जगजीतपुर के अलावा बहादराबाद, बिहारीनगर, डाडा जलालपुर, भोगपुर, मिर्जापुर, दौलतपुर, हल्लू माजरा, ढाढेकी ढाना, बहादुरपुर खादर, गैंडी खाता और सालियर शामिल हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रमाण

एनएबीएच सर्टिफिकेशन इन केंद्रों पर दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता और रोगियों की संतुष्टि का प्रमाण है। यह सर्टिफिकेशन हर स्तर पर चिकित्सा सेवाओं को उन्नत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। एनएबीएच सर्टिफिकेशन से क्षेत्रीय आयुष केंद्रों को न केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों की मान्यता मिली है, बल्कि यह स्थानीय रोगियों को उन्नत और सुलभ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

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