बागेश्वर : जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने आगामी हरेला पर्व के सफल आयोजन को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने हरेला पर्व की महत्ता को रेखांकित करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हरेला केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक जनआंदोलन है।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार जनपद में 50,000 पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें 50 प्रतिशत फलदार पौधे होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम्य विकास विभाग, शहरी क्षेत्रों में नगर निकाय और वन क्षेत्रों में वन विभाग वृक्षारोपण की जिम्मेदारी निभाएं। साथ ही कार्यक्रम का फोटोग्राफी और डॉक्यूमेंटेशन सुनिश्चित किया जाए तथा एनएसएस, एनसीसी, स्कूली छात्र-छात्राओं और आमजन को सक्रिय रूप से शामिल किया जाए। विद्यालयों में हरेला पर्व पर निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

इसी क्रम में जिलाधिकारी ने नदी महोत्सव की तैयारियों की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि यह लोगों को नदी संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और स्थानीय पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का सशक्त माध्यम है।

उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम को जनभागीदारी के साथ विस्तृत स्तर पर आयोजित किया जाए। स्कूल, कॉलेज और पंचायत स्तर पर जागरूकता रैलियाँ, नदी किनारे पदयात्राएँ, सफाई अभियान और प्लास्टिक मुक्त गतिविधियाँ संचालित की जाएं। प्रभागीय वनाधिकारी ध्रुव मर्तोलिया ने बताया कि नदी महोत्सव का आयोजन 16 जुलाई को प्रातः 9 बजे बैजनाथ मंदिर परिसर में किया जाएगा। बैठक में एडीएम एन.एस. नबियाल, पीडी शिल्पी पंत, डीडीओ संगीता आर्या सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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