हरिद्वार : उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विकासखंड बहादराबाद की ग्राम पंचायत सलेमपुर के पंचायत परिसर से भारी मात्रा में एक्सपायरी आयरन दवाएं और साथ ही आंगनबाड़ी में बांटे जाने वाला दूध मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। सलेमपुर महदूद के पंचायत घर के परिसर से मिल्क पाउडर व तीन पेटी Iron & Folic Acid Syrup IP आयरन सीरप मिला। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग के साथ ही बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ा सवाल यह हैं कि मामला ये ही है किया कुछ और बनाने का प्रयास किया जा रहा है ये देखने वाली बात है। प्राय संज्ञान में आता है कि आंगनबाड़ी सभी विभागों का काम करती है बहुत जिम्मेदार है इसलिए जिम्मेदारी दी जाती है यदि जिम्मेदार है तो ये लापरवाही क्यों? तहसील से जारी होने वाले जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र बिना आंगनबाड़ी की संस्तुति के नहीं बनते लोगो को भी तहसील से आंगनबाड़ी के प्रमाणित दस्तावेज की कॉपी प्राप्त करना आसान है फिर अपने विभाग के कामो मैं इतनी लापरवाही कैसे?

आखिर कहां से आई एक्सपायरी दवाइयां और दूध?

यह एक बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं व दूध पंचायत परिसर तक कैसे पहुंचे? क्या यह किसी बड़े भ्रष्टाचार का हिस्सा है या फिर संबंधित विभागों के कर्मियों की घोर लापरवाही का नतीजा? इसमें पुरे प्रकरण में यही बड़ा सवाल निकलकर आ रहा हैं कि दूध यदि आंगनबाड़ी का है तो स्वास्थ्य विभाग की दवाई वहां तक कैसे पहुंची । सूत्रों की माने तो आंगनबाड़ी केन्द्रों पर इतनी भारी मात्रा में दवाई नही दी जाती है उनको सिर्फ फर्स्ट एड के रूप में मात्र कुछ ही दवाईयों को रखने की अनुमति होती है। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर जो दवाई फर्स्ट एड में होती हैं वह उनको बाल विकास विभाग द्वारा दी जाती हैं ।

सीएमओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित, उच्चाधिकारियों ने दिए जांच के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी (DM) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने इस पूरे प्रकरण की गहन जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी कि एक्सपायर्ड सामग्री यहां तक कैसे पहुंची, इसे क्यों और किसके माध्यम से स्टोर किया गया था, और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं। जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पुरे प्रकरण में सीएमओ डॉ. आरके सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामलें की जाँच की जारी हैं।

इस मामलें में प्रभारी सीडीपीओ प्रीति भंडारी ने बताया कि जो दवाई और दूध वहां मिला है वह पंचायत घर के बराबर में बने कक्ष से मिला हैं । आंगनबाड़ी केंद्र से किसी भी प्रकार की दवाई व दूध नही मिला हैं । वहां पर जो एक्सपायर्ड दवाई मिली हैं वह हमारे विभाग की नही हैं और आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी इस प्रकार की दवाई नही दी जाती हैं ।

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