उत्तरकाशी :  जिले के धराली में आई भीषण आपदा के बीच एक ऐसे अधिकारी का नाम सामने आया है, जिसने न केवल राहत और बचाव कार्यों की कमान संभाली, बल्कि खुद मैदान में उतरकर कार्य कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं SDRF के महानिरीक्षक (IG) अरुण मोहन जोशी की, जिन्होंने अपनी मानवीय और कर्तव्यनिष्ठ भूमिका से न केवल सेना के घायल जवानों बल्कि आपदाग्रस्त लोगों के लिए कार्य कर रहे हैं।

आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुँचते ही IG SDRF अरुण मोहन जोशी ने स्थिति का जायजा लिया और तुरंत राहत एवं बचाव कार्यों को गति दी। उन्होंने सिर्फ आदेश जारी नहीं किए, बल्कि खुद सेना के घायल जवानों और फँसे हुए ग्रामीणों को स्ट्रेचर पर उठाकर हायर सेंटर तक पहुँचाने में मदद कर रहे हैं। IG SDRF अरुण मोहन जोशी ने मौके पर ही कैंप स्थापित कर रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व किया। उनकी उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी ने आपदा पीड़ितों को एक नई उम्मीद दी। वे हर एक व्यक्ति के लिए बेटे, भाई और भरोसे का नाम बन गए। जब आपदा आती है, तो असली नेतृत्व मैदान में ही दिखाई देता है, और अरुण मोहन जोशी ने यह साबित कर दिया कि सिस्टम में आज भी ऐसे अधिकारी मौजूद हैं जो सिर्फ कुर्सी नहीं, बल्कि सच्ची ज़िम्मेदारी उठाते हैं।

इस कठिन समय में जिला प्रशासन, SDRF, NDRF, ITBP, स्थानीय पुलिस और अन्य सभी राहत टीमें कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का वह निर्णय भी तारीफ के काबिल है, जिसमें उन्होंने ऐसे जांबाज़ और मानवीय अधिकारी को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पर नियुक्त किया। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सच्ची निष्ठा से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है।

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