देहरादून : स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के निर्देशों एवं अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी द्वारा गठित टीम को दिए गए आदेशों के तहत उप औषधि नियंत्रक, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड के दिशा-निर्देशों के क्रम में औषधि विभाग की टीम ने शनिवार को देहरादून में व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया।

औषधि निरीक्षक (FDA) देहरादून मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में टीम ने पलटन बाजार, घंटाघर, राजकीय एस.पी.एस. चिकित्सालय देहरादून रोड, ऋषिकेश, जॉलीग्रांट, अजबपुर और नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में स्थित विभिन्न मेडिकल स्टोरों और थोक विक्रेता फर्मों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि कुछ प्रतिष्ठानों में बच्चों को खांसी व सर्दी-जुकाम में दी जाने वाली प्रतिबंधित दवाएं (सिरप) अलग करके भंडारित की गई थीं। टीम ने मौके पर ही इन दवाओं को सील कर दिया और संबंधित विक्रेताओं को अग्रिम आदेशों तक विक्रय बंद करने के सख्त निर्देश दिए।

अभियान के दौरान यह भी पाया गया कि अधिकांश विक्रेता अब प्रतिबंधित कफ सिरप का विक्रय बंद कर चुके हैं। टीम ने फिर भी सतर्कता बरतते हुए भंडारित प्रतिबंधित कफ सिरप को पेटियों में डालकर सील कर दिया। औषधि विभाग ने निरीक्षण में अनियमितताएं पाए जाने पर एक औषधि विक्रय प्रतिष्ठान के क्रय-विक्रय पर रोक लगाते हुए उसे तत्काल बंद किया। इसके साथ ही 11 औषधियों के नमूने गुणवत्ता जांच हेतु लिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि प्रतिबंधित दवाएं — SYP. COLDRIF, SYP. RESPIFRESH-TR एवं SYP. RELIFE — किसी भी प्रतिष्ठान में बिक्री या भंडारण में उपलब्ध नहीं थीं।

औषधि विभाग की इस कार्रवाई में औषधि निरीक्षक विनोद जागुड़ी और निधि रतूड़ी भी शामिल रहे। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए देहरादून जिले में ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।












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