रूड़की :  वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती के नेतृत्व में हरिद्वार औषधि विभाग की टीम, जिसमें औषधि निरीक्षक हरीश सिंह एवं मेघा शामिल थे, ने 13 अक्टूबर 2025 को ग्राम सलीयर, रूड़की स्थित एम/एस फलक नाज़ नामक बिना लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठान पर छापेमारी की। गुप्त सूचना के अनुसार, यह प्रतिष्ठान बिना वैध औषधि लाइसेंस के आसपास के बिना पंजीकृत (झोला छाप) चिकित्सकों को अवैध रूप से दवाओं की आपूर्ति कर रहा था। निरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार की एलोपैथिक दवाएँ बरामद हुईं, जिनमें राजस्थान सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार की आपूर्ति हेतु चिन्हित दवाएँ भी शामिल थीं। पूछताछ में संचालक औषधि लाइसेंस अथवा क्रय-विक्रय अभिलेख प्रस्तुत करने में असमर्थ रहा।

वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती ने कहा कि औषधि विभाग जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी प्रकार का अवैध दवा व्यापार सख्ती से रोका जाएगा।

औषधि निरीक्षक हरीश सिंह ने कहा कि अवैध रूप से दवाओं की बिक्री या भंडारण करने वालों पर विभाग द्वारा निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी ताकि दवाएँ केवल अधिकृत माध्यमों से ही जनता तक पहुँचें।

औषधि निरीक्षक मेघा ने कहा कि ऐसी अवैध गतिविधियाँ कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ जनस्वास्थ्य के लिए भी खतरा हैं। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बरामद दवाएँ और कार्रवाई:

  • कुल 12 प्रकार की एलोपैथिक दवाएँ जब्त।

  • मौके पर जप्ती मेमो (Form-16) और स्पॉट मेमो तैयार।

  • दवाओं को गवाहों की उपस्थिति में पैक और सीलबंद किया गया।

  • आगे की कार्रवाई औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और नियमों के अनुसार।

 

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