गोपेश्वर (चमोली)। नंदप्रयाग में आयोजित रामलीला में कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। रामलीला के तीसरे दिन सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। मंच पर जनकपुरी का दृश्य ऐसा लगा जैसे मिथिला सचमुच उतर आई हो। कार्यक्रम की शुरुआत देवी वंदना से हुई। माँ दुर्गा की आरती की प्रस्तुति दुर्गा सिंह रौतेला ने दी। रामलीला में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षिकाओं को आमंत्रित किया गया। इससे समाज में नारी सम्मान और शिक्षा की बेहतरी पर संदेश दिया गया।

रामलीला मंचन में राम और लक्ष्मण जब जनकपुरी पहुंचे तो जनक की भूमिका निभा रहे नगर पंचायत अध्यक्ष पृथ्वी सिंह रौतेला ने उनका स्वागत किया। इसके बाद सीता स्वयंवर में देश-विदेश के राजा-महाराजाओं ने हास्य और मनोरंजन से लोगो को खूब गुदगुदाया। भगवान श्रीराम ने शिव धनुष तोड़ा और माता सीता से विवाह की रस्म पूरी की तो समूचा पांडाल जय श्रीराम के उदघोष से गूंज उठा। परशुराम प्रसंग के मंचन में बीएसएफ में तैनात दुर्गा सिंह रौतेला ने किरदार की भूमिका निभाई। लक्ष्मण के किरदार में अभिषेक कठैत का संवाद दर्शकों को खूब भाया। नंदप्रयाग की रामलीला की एक खास बात यह भी है कि इसमें मुस्लिम भाई भी किरदार की भूमिका में रहते हैं। वर्ष 1917 में शुरू हुई रामलीला 108वें वर्ष में प्रवेश कर गई है।

 

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