नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk की हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (National Security Act) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह निर्णय लिया।

गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि सरकार Ladakh में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय के मुताबिक यह कदम क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों के साथ रचनात्मक और सार्थक संवाद को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख को आवश्यक सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और उम्मीद करती है कि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का समाधान संवाद और रचनात्मक सहभागिता के जरिए निकाला जाएगा। इसके लिए उच्च-स्तरीय समिति समेत अन्य उपयुक्त मंचों के माध्यम से बातचीत जारी रखी जाएगी।

दरअसल, वांगचुक की हिरासत पिछले साल सितंबर में Leh में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद हुई थी। इन प्रदर्शनों के दौरान क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत Jodhpur जेल में रखा गया था। सरकार का कहना था कि उस समय हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया था।

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