जोशीमठ/औली। मार्च के महीने में जब मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने लगा है, वहीं देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल औली में हुई ताजा बर्फबारी से यहां पहुंचे सैलानियों की चांदी हो गई है। लंबे समय के इंतजार के बाद हुए इस हिमपात ने न केवल क्षेत्र में ठंडक लौटाई है, बल्कि दूर-दराज से आए पर्यटकों के लिए यह किसी बड़े सरप्राइज और सौगात से कम नहीं है।

इन दिनों उत्तराखंड की वादियों का रुख करने वाले पर्यटक बर्फबारी देखकर बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं। विशेषकर उन सैलानियों के लिए यह सफर यादगार बन गया है, जिन्होंने दो महीने पहले ही औली की बुकिंग करा ली थी। गुजरात और अन्य राज्यों से आए पर्यटकों के दल औली की ढलानों पर जमी बर्फ में अठखेलियां करते और परिवार के साथ बर्फबारी का आनंद लेते दिखे। सैलानियों का कहना है कि उन्होंने मार्च में बर्फबारी की उम्मीद नहीं की थी, लेकिन जैसे ही वे औली पहुंचे, कुदरत ने उनका स्वागत सफेद मखमली बर्फ से किया। पर्यटकों के अनुसार, बर्फबारी के बाद यहां के नजारे इतने खूबसूरत हो गए हैं कि उनका पूरा ‘ट्रिप’ सफल हो गया है।

एक तरफ जहां इस बर्फबारी ने पर्यटन व्यवसायियों और सैलानियों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब और निचले इलाकों में कड़ाके की ठंड की वापसी हो गई है। ऊंची चोटियों पर लगातार हो रहे हिमपात से समूचा चमोली जनपद शीत लहर की चपेट में है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी का यह सिलसिला जारी रह सकता है। मार्च के दूसरे पखवाड़े में कुदरत का यह बदला हुआ मिजाज खेती-बागवानी और पर्यटन की दृष्टि से क्षेत्र के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है।

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